भोपाल

‘जूनियर अफसर मेरी टेबल पर हाथ पटकते, धमकी देते थे… हम इतने असुरक्षित है’, MP की IAS नेहा मारव्या ने जताया दुख

IAS Neha Marvya: आइएएस नेहा मारव्या ने आईएएस एसोसिएशन से गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि- जैसा मेरे साथ हुआ, वह किसी के भी साथ हो सकता है मेरी टेबल पर हाथ पटका, धमकी दी और तबादला करा दिया।
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Updated: 8 Sep 2026, 12:40 PM IST
IAS Neha Marvya IAS Assosiation Post
IAS Neha Marvya: ट्रांसफर के बाद IAS अधिकारी ने जताया दुख, कहा- हम IAS इतने असुरक्षित है (फोटो सोर्स- Patrika)

IAS Neha Marvya IAS Assosiation Post: तबादले से व्यथित मप्र कैडर में 2011 बैच की आइएएस नेहा मारव्या ने आइएएस एसोसिएशन के सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर व्यथा पोस्ट की है। मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को उनकी आदिम जाति विकास विभाग से छुट्टी कर अजाक वित्त विकास निगम भेजा था। कुछ माह पहले ही डिंडौरी कलेक्टरी भी छीनी गई। यह उनका एक साल में चौथा तबादला है। नेहा ने लिखा, मैं हतोत्साहित हूं। मेरा तबादला इसलिए हुआ है क्योंकि मेरे अधीनस्थों ने मेरे विरुद्ध विद्रोह कर दिया। वे मेरी डेस्क पर हाथ पटककर मुझे तबादला करवाने की धमकी दे चुके थे। मैंने विभाग में अधीनस्थों द्वारा अनुशासनहीनता, फाइल रोकने व मेरे साथ दुर्व्यवहार की शिकायत की, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई की बजाय मेरा ही तबादला हो गया।

जब तक काम समझती हूं… तबादला हो जाता है

नेहा ने सवाल किया- इससे क्या संदेश जाएगा? एक आइएएस इतना असुरक्षित है कि उसके अधीनस्थ भी विद्रोह करके उसका तबादला करवा सकते हैं? मैं काम कैसे करूं? जब तक काम समझती हूं, 2-3 माह में तबादला कर देते हैं। मेरे अधीनस्थ मुझे आसान निशाना समझते हैं। मैंने कई वर्षों तक चुपचाप और धैर्य काम लिया। लेकिन अब स्थिति और भी खराब हो गई, मेरे अधीनस्थ मुझे धमकाने लगे हैं। आज मेरी बारी हैं, कल कोई और निशाने पर हो सकते हैं।

8 माह में ही कलेक्टर पद से हटाया

नेहा मारव्या 2011 बैच की आइएएस अधिकारी हैं। उनका विवादोें से पुराना नाता है। अपने ही कई वरिष्ठ अधिकारियों से उनका टकराव होता रहा है। आइएएस नेहा मारव्या कलेक्टर बनना चाहती थीं। उन्होंने आईएएस एसोसिएशन के ग्रुप में पोस्ट डालकर कलेक्टर नहीं बनाने पर निराशा जताई थी। सरकार ने आइएएस नेहा मारव्या की मन की मुराद पूरी करते हुए उन्हें डिंडोरी का कलेक्टर बना दिया लेकिन 8 माह में ही उन्हें हटाना पड़ा। पूर्व मंत्री ओपी धुर्वे सहित कई अन्य नेताओं से विवाद के चलते सरकार को यह कदम उठाना पड़ा था।

जनजातीय कार्य विभाग में भी पटरी नहीं बैठी

आइएएस नेहा मारव्या की जनजातीय कार्य विभाग में भी अपने अधीनस्थों से पटरी नहीं बैठी। कर्मचारियों, अधिकारियों ने उनपर अनेक गंभीर आरोप लगाए। अधिकारियों के अनुसार एक बैठक के दौरान आइएएस नेहा मारव्या ने अपर संचालक स्तर की महिला अधिकारियों के साथ अभद्रता की और उन्हें बाहर निकाल दिया।

खुद नारियल पानी पीतीं, कर्मचारियों की चाय तक बंद

विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने बताया कि आइएएस नेहा मारव्या खुद दिनभर नारियल पानी पीती रहती हैं जबकि हमारी चाय तक बंद करा दी। उनपर पांच कारें लगाकर विभागीय बजट से खर्च का भी आरोप लगा। नेहा मारव्या ने सौ से ज्यादा अधिकारियों का इंक्रीमेंट नहीं लगाया। इससे वे असंतुष्ट थे।

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8 Sep 2026, 12:40 PM IST
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