
Bhopal News : डॉग के शौकीन है तो… नियम का पालन करना जरूरी है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पालतू और आवारा कुत्तों को लेकर विवाद के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई घटनाओं में मारपीट, पुलिस शिकायत और गंभीर हिंसा तक की नौबत देखने को मिली है। इसी तरह शहर के अलग - अलग थाना क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की शिकायत और पालतू कुत्तों को लेकर पड़ोसियों के बीच विवाद सामने आ रहे हैं। जैसे कि, फरवरी में अयोध्या नगर में चर्चित मामला सामने था, जहां आवारा कुत्तों को लेकर विवाद हुआ था और डॉग प्रेमी ने दो महिलाओं पर तलवार से जानलेवा हमला कर दिया था।
नगर पालिका नियम 2023 के तहत शहरी क्षेत्रों में पालतू जानवरों का पंजीकरण अनिवार्य है। किसी भी पालतू जानवर को रखने के सात दिन के भीतर उसका रजिस्ट्रेशन कराना होता है। खास बात ये है कि, भोपाल में अबतक सिर्फ 256 कुत्तों और 63 बिल्लियों का ही पंजीकरण हुआ है, जबकि शहर में पालतू जानवरों की संख्या इससे कई अधिक है।
केस-1: विरोध करने पर तलवार से किया हमला
19 फरवरी 2026 को अयोध्या नगर थाना क्षेत्र की श्रवण कांता कॉलोनी में आवारा कुत्तों की शिकायत को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी अशोक चौहान ने उसी कैंपस में रहने वाली वंदना सेन और लक्ष्मी ठाकुर पर तलवार से हमला कर दिया था। दोनों महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं थी।
केस-2: डॉग फीडिंग को लेकर विवाद
2025 में एक निजी आवासीय सोसायटी में कुछ लोग आवारा कुत्तों को खाना खिलाते थे। कॉलोनी में कुत्तों की संख्या बढ़ने को लेकर वहीं के अन्य रहवासियों को दिक्कत होने लगी थी। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश दी और नगर निगम को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए कहा था।
-कुत्ता: 150 साल का, नवीनीकरण 50 रुपए
-गाय और बैल: 200 साल का, नवीनीकरण शुल्क 100 रुपए
-अन्य पशु: 50 साल का, नवीनीकरण शुल्क 50 रुपए
सार्वजनिक जगहों पर कुत्ते को ले जाते समय उसे पट्टे या जंजीर से बांधकर रखना अनिवार्य है। उसका मुंह भी सुरक्षित तरीके से बांधना होगा। अगर कोई पालतू जानवर लोगों के लिए खतरा बनता है तो उसके मालिक की शिकायत की जा सकती है।
नियमों के अनुसार समय सीमा में पंजीकरण नहीं कराने पर निर्धारित शुल्क का दस गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
इस संबंध में पुलिस कमिश्नर संजय कुमार का कहना है कि, कुत्तों को लेकर बढ़ते विवाद केवल कानून का नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी विषय हैं। अगर पशु मालिक नियमों का पालन करें तो विवाद से बचा जा सकता है। अगर विवाद होता है तो शिकायत पर पुलिस कार्रवाई करती है।