हमीदिया में अनूठा प्रयोग: ऑर्थोपीडिक और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टर दोबारा बना रहे हाथ
भोपाल. हरदा ब्लास्ट में एक महिला का हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गया था। जब 38 साल की सुमित्रा घटनास्थल से 153 किमी दूर हमीदिया पहुंची तो तुरंत ऑपरेशन थियेटर में ले जाया गया। उसकी कलाई और कोहनी के बीच की हड्डी बुरी तरह क्षतिग्रस्त थी। ऐसे में ऑर्थोपीडिक व प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने ऑनस्पॉट इलाज की योजना बनाई। इसी आधार पर अब पैर की हड्डी से बांह की कलाई (फोरआर्म) बनाया जाएगा। अंत्यत जटिल रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी से अंगों को पहले जैसा बनाने का प्रयास होगा। डॉक्टरों का कहना है, गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त होने के बाद महिला को समय पर अस्पताल लाया गया था। विलंब होती तो हाथ काटना पड़ सकता था।
इसलिए हाथ को संक्रमणमुक्त किया गया। इसमें देरी होती तो महिला का हाथ काटना पड़ता। यह पूरी प्रक्रिया उसके हमीदिया पहुंचने के आधे घंटे में पूरी कर ली गई।
ऐसी प्रक्रिया
● हाथ को संक्रमण-मुक्त किया गया।
● प्लास्टिक सर्जरी विभाग ने मसल्स रिपेयर की।
● ऑर्थोपेडिक विभाग ने हाथ का अलाइनमेंट किया।
● फिक्सेटर से 3 सप्ताह तक फिक्स कर, हाथ को पहले जैसे करेंगे।
जल्द इलाज से लाभऑर्थोपीडिक विशेषज्ञ डॉ. राहुल वर्मा के अनुसार मरीज के आते ही कुछ मिनट बाद प्रक्रिया शुरू की गई। संक्रमण खत्म किया। अब इस प्रक्रिया के सफल होने की संभावना बढ़ गई।
जांघ से निकालेंगे हड्डी
फोरआर्म को नया आकार देने के लिए जांघ की फिबुला हड्डी निकालेंगे। इससे खाली जगह में नया हाथ बनाएंगे। री-कंस्ट्रक्शन सर्जरी के बाद प्लास्टिक सर्जन उस स्थान की त्वचा विकसित करेंगे।