
भोपाल. लोकसभा चुनाव से ठीक पहले आयकर विभाग की छापेमार कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सियासत में हड़कंप मच गया है। छापे पर मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि मुझे पता नहीं मैं तो होशंगाबाद में हूं। वहीं प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के प्रमुख सहयोगी आरके मिगलानी, विशेष कर्तव्य अधिकारी प्रवीण कक्कड़ सहित अन्यों के यहां आयकर विभाग द्वारा कि गई कार्यवाही को राजनैतिक प्रतिशोध की भावना से निरूपित किया गया है।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि आसन्न लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के प्रामाणिक हमलों से तिलमिलाया भाजपा का शीर्ष नेतृत्व ईडी, आयकर व अन्य संस्थाओं का दुरुपयोग कांग्रेस का मनोबल तोड़ने की नाकाम कोशिशें कर रहा है, पार्टी अपने संवैधानिक मोर्चों पर इसका बिना विचलित हुए जवाब देगी।
भोपाल में जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि चुनाव की नजदीकियों को दृष्टिगत रखते हुए विगत दिनों से गांधी परिवार, पी.चिदंबरम, अहमद पटेल, राबर्ड वाड्रा के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के सहयोगियों के साथ को घिनौना राजनैतिक खेल खेला है। वह इस आरोप का परिचायक है। ऐसी प्रतिशोधात्मक कार्यवाही का कांग्रेस उचित फोरम पर इसका माकूल जवाब देगी।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज पर केके मिश्रा ने उठाया सवाल
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा कि यदि आयकर विभाग की यह कार्यवाही निष्पक्ष है, तो उसे पिछले 14 सालों में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, उनका परिवार व उनके प्रमुख सचिव रहे एस.के.मिश्रा दिखाई क्यों नहीं दिए?
जहां तक भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव चौकीदार कैलाश विजयवर्गीय के इस बारे में जारी ट्वीट का प्रश्न है, वे यह भूल बैठे हैं कि उनके पुत्र मौजूदा विधायक आकाश विजयवर्गीय भी व्यापम घोटाले के मास्टरमाइंड सुधीर शर्मा के यहां गत वर्षों हुई आयकर विभाग की कार्यवाही की जद में आ चुके हैं!
कैलाश विजयवर्गीय खुद इंदौर के बहु चर्चित 33 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी हैं, जिनके विरूद्ध न्यायालय में अभियोजन की स्वीकृति शासन के अधीन लंबित है? इस आरोप पर (ई) मानदर चौकीदार कैलाश विजयवर्गीय क्या कहेंगे?