Indian Railway: मध्यप्रदेश के कई गांव और शहर सीधा नई रेललाइन से जुड़ने जा रहे हैं। जिससे राजस्थान की दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी।
Indian Railway: मध्यप्रदेश के कई शहर और गांव जल्द ही रेल लाइन के जरिए बड़े शहरों से जुडेंगे। इसके लिए भोपाल रेल मंडल के द्वारा नई रेल योजना का काम तेजी से चल रहा है। इसके पूरे होने से मालवा और भोपाल क्षेत्र की बड़ी आबादी को फायदा होगा। एमपी को राजस्थान से जोड़ने वाली भोपाल-ब्यावरा-रामगंजमंडी रेल लाइन का काम 80 फीसदी पूरा हो चुका है। रेल लाइन का काम पूरा होते ही भोपाल से कोटा की दूरी 100 किलोमीटर कम हो जाएगी।
भोपाल-ब्यावरा-रामगंज मंडी रेल लाइन को साल में 2000-2001 में स्वीकृति मिली थी, लेकिन इसका काम 9 अक्टूबर 2004 से निर्माण कार्य शुरु हुआ था। इस प्रोजेक्ट को लगभग 20 साल पूरा होने आए हैं। हालांकि, इस प्रोजेक्ट की लागत 3032.46 करोड़ रुपए है। जिसका रूट 276.50 किलोमीटर होगा। रेल लाइन का काम रामगंज मंडी से नयागांव तक हो चुका है, लेकिन नयागांव से लेकर राजगढ़-खिलचीपुर के बीच काम बाकी है। 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है।
भोपाल से राजस्थान के कोटा तक का 442 किलोमीटर का सफर पूरा करने में 8-8.30 घंटे का समय लग जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि भोपाल से कोटा का सीधा रूट नहीं है। भोपाल से उज्जैन, नागदा होते हुए कोटा जाना पड़ता है। वहीं भोपाल से कोटा का सफर सड़क मार्ग से 346 किलोमीटर है। जो कि रेल लाइन से 100 किलोमीटर कम है। नए रूट पर रेललाइन शुरू होने से यह सफर मात्र 5 घंटे में ही पूरा हो जाएगा।
रेल लाइन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के निशातपुरा से होते हुए मुबारकपुर जंक्शन, श्यामपुर दोराहा, झरखेड़ा, इमलिया, बैरागढ़ खुमा, बमूनिया, कुरावर, नरसिंहगढ़, सोनकच्छ, पीपलहेल, ब्यावरा, राजगढ़, खिलचीपुर, भोजपुर से घाटोली होते हुए राजस्थान के बॉर्डर में प्रवेश करेगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही भोपाल से कोटा तक का सफर आसान हो जाएगा।