
मध्यप्रदेश में एक और वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाया जा रहा है। करीब 550 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस स्टेशन को एयरपोर्ट जैसा विशाल और सर्वसुविधायुक्त बनाया जाएगा। करीब सात माह पहले पीएम नरेंद्र मोदी स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने के काम का वर्चुअल शुभारंभ कर चुके हैं। इस बीच कई अड़ंगे आए। कभी स्टेशन की ड्राइंग पर पेंच फंसा तो कभी रेलवे बोर्ड की स्वीकृति में दिक्कत आई। बजट के कारण भी अड़चनें लगती रहीं पर सभी दिक्कतें अब दूर कर ली गई हैं।
एमपी के जबलपुर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास बनाने की कवायद फिर चालू हो गई है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने 26 फरवरी को इसका वर्चुअल शुभारंभ किया था। इसके तुरंत बाद काम प्रारंभ होना था लेकिन जबलपुर रेल मंडल का इंजीनियरिंग विभाग टेंडर जारी नहीं कर सका। इस बीच वर्ल्ड क्लास स्टेशन के लिए लागत 350 करोड़ से बढ़कर 550 करोड़ हो गई है।
बताया जा रहा है कि शुभारंभ होने के कई माह बाद भी जबलपुर रेल मंडल द्वारा वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने का काम शुरू नहीं किया जा सका। यह मामला पीएमओ तक पहुंचा जिसके बाद रेलवे बोर्ड ने काम में आ रहीं दिक्कतें दूर करने के लिए पश्चिम मध्य रेलवे जोन और जबलपुर रेल मंडल के अधिकारियों से बातचीत की है।
जबलपुर मंडल के जबलपुर के अलावा सतना रेलवे स्टेशन को भी वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाया जाना है। शुरूआत में जबलपुर रेलवे स्टेशन के लिए 350 करोड़ और सतना रेलवे स्टेशन के लिए 150 करोड़ रुपए मंजूर किए गए थे। अब दोनों स्टेशनों को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने लागत बढ़ा दी है। जबलपुर रेलवे स्टेशन पर ही अब 550 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।