
Rajyasabha Chunav- मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट से कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने पर भोपाल से लेकर दिल्ली तक प्रदर्शन चल रहा है। इस घटना के विरोध में वरिष्ठ प्रादेशिक नेताओं ने रात को प्रेस कान्फ्रेंस बुलाई। यहां प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह को बोलने के लिए कई बार कहा पर वे इंकार करते रहे। प्रेस कान्फ्रेंस के बाद सभी नेता देर रात निर्वाचन कार्यालय पहुंच गए। यहां कोई अधिकारी नहीं मिला तो प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, कमलेश्वर पटेल, अरुण यादव आदि ने धरना दे दिया। पटवारी और सिंघार अन्य नेताओं के साथ सड़क पर ही लेटे रहे। बाद में निर्वाचन विभाग ने कांग्रेस नेताओं को बुधवार को मिलने का समय दिया।
राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए मंगलवार को एयरपोर्ट से लेकर विधानसभा तक पॉलिटिकल ड्रामा दिनभर चला। कांग्रेस प्रत्याशी का नामांकन रद्द नामांकन की स्क्रूटनी के दौरान भाजपा की आपत्ति पर रिटर्निंग ऑफिसर ने संज्ञान ले लिया।
सूचना मिलते ही कांग्रेस विधायक उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे और विधायक विक्रांत भूरिया विधानसभा पहुंचे। तब तक विधानसभा में भारी पुलिसबल तैनात किया जा चुका था। गार्डों ने इन दोनों नेताओं को रिटर्निंग ऑफिसर के कमरे में जाने से रोक दिया। पुलिस से उनकी तीखी नोंकझोंक हुई। हंगामा शुरू हो गया। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार भी पहुंचे। भाजपा विधायकों का मजमा लग गया। आखिरकार रिटर्निंग ऑफिसर शर्मा ने नामांकन निरस्त कर दिया।
कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, जो बात पहले वोट चोरी तक सीमित थी, अब सीट चोरी तक पहुंच गई। सदन में पर्याप्त संख्या न होने के बाद भी भाजपा ने तीसरा प्रत्याशी उतारा। तभी से हमें समझ में आ गया था कि वे लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटने की राजनीति कर रहे हैं। जब उन्हें महसूस हुआ कि सदन एकजुट है, तब कानूनी नोटिस का सहारा लिया। हमारे दोनों अधिवक्ताओं ने तर्क रखे, लेकिन उन्हें नहीं सुना गया।
पार्टी की प्रत्याशी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में सभी नेताओं के चेहरे पर चिंता की गहरी लकीरें नजर आईं। यहां दिग्विजय सिंह भी उपस्थित थे। प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने उन्हें बोलने के लिए कई बार माइक देने की कोशिश पर वे हाथ हिलाकर मना करते रहे।
राजधानी भोपाल में रात में ही कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय पहुंच गए। हालांकि कार्यालय बंद हो चुका था इसलिए कांग्रेस नेता दफ्तर के सामने सड़क पर ही लेट गए। बाद में डिप्टी सीईओ ने आकर कांग्रेस नेताओं को बुधवार सुबह मुलाकात करने को कहा।