
Jitu Patwari : मध्यप्रदेश में बिजली कटौती पर हाहाकार मचा हुआ है। यहां तक कि प्रदेश के अनेक मंत्री तक त्रस्त हो चुके हैं। उन्होंने सीधे सीएम मोहन यादव को शिकायत की है। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्रियों को घेरा। उन्होंने कहा कि मंत्री वाकई में दुखी हैं तो जनता के बीच जाकर संघर्ष करें।
प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती को लेकर सोमवार को कैबिनेट बैठक में मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया था। डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा समेत 12 मंत्रियों ने आपत्ति जताई। शुरुआत उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली कटौती से हाहाकार है, लोग नाराज हैं, वैसे भी दुर्गा उत्सव का समय चल रहा है, जनता जवाब मांग रही है। उनकी बात का मंत्री नागर सिंह चौहान, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह, प्रहलाद सिंह पटेल समेत अन्य ने समर्थन कर कहा, सरकार को इस पर हल निकालना चाहिए।
सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश भर में लोगों को दिन में 10 घंटे बिजली दे रहे हैं। समय के साथ कुछ व्यवधान आता है, उसे दूर करेंगे और आगे बढ़ेंगे। सीएम ने यहां तक कहा कि बिजली की कमी देशव्यापी समस्या है, जिसका हल मप्र जल्द ही खोज कर जनता को राहत पहुंचाएगा।
बता दें कि भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर शहर और उज्जैन जिला मुख्यालय को छोड़कर लगभग सभी जिला मुख्यालयों व ग्रामीण क्षेत्रों में रिकॉर्ड स्तर पर अघोषित कटौती जारी है। रात में 2 से लेकर 8 घंटे तक कटौती की हो रही है। गुस्साए लोगों ने सेवा संकल्प अभियान में राजस्व मंत्री करण सिंह, तो घर पर सांसद रोडमल नागर व कई जगह जनप्रतिनिधियों को घेरा। विरोध प्रदर्शन सड़कों तक हुए। मंत्रि परिषद की बैठक में भी कटौती का मामला छाया रहा।
मुख्यमंत्री के समक्ष बिजली कटौती की शिकायत करने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सभी मंत्रियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार पर खासतौर पर निशाना साधा। जीतू पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने की आस लिए बैठे भाई इंदर सिंह परमार ने अपने इलाके में बिजली कटौती का मुद्दा उठाया है! उन्होंने पूछा कि सत्ता आपकी, विभाग आपके, फिर बिजली की शिकायतें किससे? जीतू पटवारी ने कहा कि कटौती से मंत्री यदि इतने ही दुखी हैं, तो जनता के बीच जाकर संघर्ष करें।
जीतू पटवारी ने अपने एक्स पर लिखा:
पिछले दिनों कांग्रेस द्वारा करवाए गए एक सर्वे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई! कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों की शिकायतें जनता को अब ‘मिली-जुली कुश्ती’ लगती हैं!
शायद इसीलिए, हर कैबिनेट के बाद आपसी आरोप मीडिया में लीक किए जाते हैं, सिर्फ यह बताने के लिए की सरकार को जनता की बहुत चिंता है, जिम्मेदारी से चर्चा की जा रही है?
अब मुख्यमंत्री बनने की आस लिए बैठे भाई इंदर सिंह परमार जी ने अपने इलाके में बिजली कटौती का मुद्दा उठाया है! सत्ता आपकी, विभाग आपके, फिर बिजली की शिकायतें किससे?
मुख्यमंत्री के सामने चिंता जताने, संगठन को चोरी-छुपे रिपोर्ट भेजने, खुद को जिम्मेदार बता, मीडिया अटेंशन लेने वाले तमाम मंत्री यदि इतने दुखी हैं, तो जनता के बीच जाकर संघर्ष करें?
जनता को ‘मिली-जुली कुश्ती’ नहीं,
मप्र में जवाबदेह सरकार चाहिए!