Jitu Patwari Convoy Stopped: मध्य प्रदेश के रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व मे तीन दिवसीय कृषि मेले का सोमवार को समापन हो रहा है। केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी भी समापन कार्यक्रम में पहुंच चुके हैं।
MP News: मध्य प्रदेश के रायसेन में केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) के नेतृत्व मे तीन दिवसीय कृषि मेले का सोमवार को समापन हो रहा है। वहीं, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (Jitu Patwari) ने भी आज रायसेन के इस कृषि मेले में शामिल होकर किसानों की परेशानियां बताने का ऐलान किया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें भोपाल में ही बेरिकेडिंग कर रोक लिया। पुलिस ने आनंद नगर में बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया।
पुलिस ने राज वेदांता स्कूल के सामने मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की थी और सुरक्षा के लिए वॉटर कैनन व भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। काफी देर पुलिसकर्मियों से बहस करने के बाद भी जीतू पटवारी को आगे नहीं जाने दिया तो वह अपने काफिले के साथ वापस लौट गए। बता दें कि, आज मेले के समापन कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) भी शामिल हो चुके है।
मिली जानकारी के अनुसार, एमपी कांग्रेस अध्यक्ष पटवारी अपने समर्थकों के साथ रायसेन जाकर किसानों के मुद्दों और गेहूं की एमएसपी (MSP) जैसे विषयों पर संवाद करना चाहते थे। पुलिस से काफी देर चली तीखी बहस के बाद जब उन्हें आगे जाने की अनुमति नहीं मिली, तो वे वापस लौट गए। पटवारी ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की उपस्थिति से घबरा गई है, जबकि आज ही इस मेले के समापन में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी शामिल होने वाले हैं।
जीतू पटवारी ने कहा कि वह मेले में किसानों से संवाद के लिए जाना चाहते थे न की टकराव करने के लिए। पटवारी ने बताया कि मेले में जाने को लेकर उन्होंने पहले ही प्रशासन को पत्र लिखा था कि वह आखरी दिन मेले में पहुंचेंगे और किसानों से चर्चा करेंगे। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पहले से बताने के बावजूद उन्हें जानबूझकर मेले में जाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि उन्हें रोकने के लिए रायसेन तक के पूरे रास्ते में पुलिस बल तैनात था।
मेले में जाने से रोके जाने के बाद पटवारी ने पत्रकारों से बातचीत की जिसमें उन्होंने कहा कि 'कुछ दिन पहले विदिशा में किसान से संवाद के बाद घोषणा की थी मैं कृषि मेले में जाऊंगा। मैं भी किसान का बेटा हूं, मेरा घर भी किसानी से चलता है। इसलिए मैं भी इस मेले में जाना चाहता था।' पटवारी ने बताया कि उन्होंने कलेक्टर को इसकी जानकारी दी थी लेकिन उन्हें तब भी मेले मे जाने से रोका गया। (MP News)