MP Congress- मध्यप्रदेश में खाद के लिए नित नए बवाल हो रहे हैं। प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए परेशान हैं जबकि सरकार पर्याप्त स्टाक होने का दावा कर रही है।
MP Congress- मध्यप्रदेश में खाद के लिए नित नए बवाल हो रहे हैं। प्रदेशभर में किसान यूरिया के लिए परेशान हैं जबकि सरकार पर्याप्त स्टाक होने का दावा कर रही है। हालांकि रोज हो रहे किसानों के प्रदर्शनों, उन पर लाठीचार्ज आदि की घटनाओं से सरकारी दावों की पोल खुद ही खुल रही है। रीवा में पुलिस ने खाद मांग रहे किसानों पर लाठियां बरसाई जिससे कई किसान घायल हो गए। इस घटना पर सीएम मोहन यादव ने भी संज्ञान लेकर कलेक्टरों को फटकारा है। इधर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे पर राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने रीवा में लाठीचार्ज को बेकसूर किसानों पर "सरकारी अत्याचार" बताया और इसके लिए बीजेपी नेताओं, जनप्रतिनिधियों से सवाल करने को कहा। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि बीजेपी हमेशा से किसान विरोधी रही है और यह घटना उसका ताज़ा प्रमाण है।
रीवा के करहिया मंडी में मंगलवार को खाद के लिए परेशान किसानों पर पुलिस के लाठीचार्ज की घटना पर पूरे राज्य में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की जा रही है। प्रदेशभर के किसान इससे नाराज हैं।
किसानों पर लाठीचार्ज की इस घटना को राज्य सरकार ने भी गंभीरता से लिया है। सीएम मोहन यादव ने बुधवार को अचानक बैठक बुलाकर खाद वितरण में अव्यवस्था पर कलेक्टरों को फटकार लगाई। उन्होंने इतना तक कह दिया कि ऐसे कलेक्टरों को हटाना पड़ेगा।
रीवा की घटना पर कांग्रेस हमलावर हो गई है। पार्टी के नेता रीवा में किसानों पर बरसती लाठियों के वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सरकार को घेर रहे हैं। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अपने एक्स हेंडल पर वीडियो पोस्ट करते हुए बीजेपी को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि रीवा की घटना इसका ताज़ा प्रमाण है। उमंग सिंघार ने कहा कि जिस प्रदेश से देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आते हैं वहां के किसान इतनी तकलीफ़ झेल रहे हैं तो पूरे देश के किसानों की हालत क्या होगी!
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को बेकसूर किसानों पर "सरकारी अत्याचार" करार दिया है। उन्होंने कहा है कि खाद के लिए परेशान किसान घंटों तक लाइन में लग रहे हैं और पुलिस उनपर लाठियां बरसा रही है। जीतू पटवारी ने लोगों से रीवा में किसानों पर हुए लाठीचार्ज के संबंध में बीजेपी नेताओं से सवाल पूछने को कहा। उन्होंने कहा है कि अपने-अपने इलाकों के बीजेपी नेताओं, विधायकों, सांसदों से सवाल करें! जो जहां मिले, जरूर पूछें, 'किसानों से यह दुश्मनी कब तक निभाई जाएगी?