Doctors Strike Ends in MP : जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. कुलदीप गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए तत्काल ही हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
Doctors Strike Ends in MP :मध्य प्रदेश में जारी जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल हाईकोर्ट के आदेश के बाद 46 घंटे बाद समाप्त कर दी गई है। बता दें कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर हड़ताल का खासा असर पड़ रहा था। मामले को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के प्रवक्ता डॉ. कुलदीप गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए तत्काल ही हड़ताल समाप्त कर दी गई है, लेकिन पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के डॉ. कुलदीप गुप्ता ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि 'हाईकोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए जूनियर डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी है। लेकिन कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ हुई हिंसा के खिलाफ प्रदेशभर के डॉक्टरों का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
हाईकोर्ट का आदेश
शनिवार को हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टर्स को हड़ताल खत्म करने का आदेश दिया था। कोर्ट द्वारा दिए आदेश के अनुसार, 20 अगस्त तक अपनी हड़ताल वापस लें, लेकिन जूनियर डॉक्टर्स ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद अपनी हड़ताल खत्म कर दी। हाईकोर्ट ने डॉक्टरों से कहा कि मरीजों की जान जोखिम में डालकर आप हड़ताल पर नहीं रह सकते। कोर्ट ने कहा कि अगर किसी की जान निकल रही होगी, तो कहिएगा दो दिन बाद दवाई देंगे?
इससे पहले मध्यप्रदेश के शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ ने कहा, हम चाहते हें कि देश में समान कानून बने। हाईकोर्ट को लेकर हम आश्चर्यचकित हैं। हाईकोर्ट क्या चाहता है, हम पिट जाएं, मर जाएं। हमारे अधिकार नहीं हैं। मेरा कहना है कि हमें अपनी सुरक्षा और साथियों की सुरक्षा के लिए आंदोलन का अधिकार है। ऐसे में हाईकोर्ट हमारी बात को समझे।
आपको बता दें कि, मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टर के आह्वान पर गुरुवार-शुक्रवार की रात 12 बजे से प्रदेश भर के सभी सरकारी अस्पतालों के जूनियर डॉक्टर्स हड़ताल पर चले गए थे। शुक्रवार की सुबह इन्हें सीनियर डॉक्टर्स का समर्थन भी मिल गया था। यही नहीं, शनिवार सुबह से इस हड़ताल से कई निजी अस्पताल भी जुड़ने लगे थे। इस तरह कुल मिलाकर डॉक्टरों की हड़ताल 46 घंटे से ज्यादा समय चलीं। हालांकि, डॉक्टर्स का दावा था कि हड़ताल के दौरान वो अस्पताल की इमरजेंसी सेवा जारी रखेंगे। बावजूद इसके कई शहरों से इमरजेंसी सेवाएं तक ठप होने तक की खबरें सामने आने लगी थी। ऐसे में मरीजों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। फिलहाल, मामले में हाईकोर्ट के फैसले के चलते डॉक्टरों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।