'वादा करो, कभी भी नहीं छोड़ोगे कांग्रेस'
भोपाल/ मध्य प्रदेश में दिनों चले सियासी उलटफेर और इन दिनों राजस्थान (Rajasthan Crisis) में चल रहे सियासी संग्राम का असर प्रदेश में होने वाले उपचुनाव से पहले कांग्रेस पर भारी पड़ता जा रहा है। उपचुनाव से पहले कांग्रेस विधायकों का इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होना पार्टी की साख पर बुरा असर डाल रहा है। हालही में मुख्य चुनाव आयुक्त ने सितंबर 2020 में उपचुनाव की घोषणा कर दी है। ऐसे में चुनावी तैयारियां ही कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती हैं। ऐसी स्थिति में अगर कांग्रेस विधायक पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल होते हैं, तो पार्टी को इसका भारी नुकसान होगा।
कमलनाथ ने विधायकों से लिया पक्का वादा
इस समस्या से निपटने के लिए कांग्रेस ने अपने विधायकों को पार्टी से जोड़े रखने की कवायद शुरु कर दी है। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रमुख और पूर्व सीएम कमलनाथ (Kamalnath) ने पार्टी विधायकों को कांग्रेस से जुड़े रहने की शपथ (Oath) दिलाई है। उन्होंने विधायकों से कहा- कि, 'सभी वादा करो कि, हमेशा कांग्रेस पार्टी में ही रहोगे।'
विधायकों ने ली शपथ
कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत उनके खेमे के विधायकों के भाजपा में शामिल होने का सिलसिला अभी थमा भी नहीं था कि, मलहरा से विधायक प्रद्युम्न लोधी और फिर नेपानगर विधायक सुमित्रा कासेडकर ने विधायक पद से इस्तीफा देकर बीजेपी ज्वाइन कर ली, जो कांग्रेस के लिए बड़ी घबराहट का विषय बन गया है। साथ ही, पार्टी के आला नेताओं को ओर भी कई विधायकों के कांग्रे छोडड़ भाजपा में जाने का शक है। ऐसे में विधायक दल की बैठक में पूर्व सीएम कमलनाथ ने विधायकों को पार्टी में ही रहने की शपथ दिलाई। पीसीसी चीफ कमलनाथ ने विधायकों से कहा- अब कोई भी पार्टी से नहीं छोड़ेगा। पूरी शिद्दत से कांग्रेस सरकार की वापसी में एकजुटता से सारे विधायक जुटेंगे। सभी को कांग्रेस को मजबूत करने की दिशा में काम करना है। अपने चीफ के कहे अनुसार, सभी विधायक हाथ सामने करके शपथ लेते दिखे।
विधायकों से वन-टू-वन चर्चा
उपचुनाव से पहले कांग्रेस का दामन छोड़ विधायकों के भाजपा में शामिल होने से कांग्रेस को भारी नुकसान हुआ है। प्रद्युम्न लोधी और सुमित्रा कासेडकर द्वारा भाजपा की सदस्यता लेने के बाद अब कांग्रेस डैमेज कंट्रोल करने में जुटी हुई है। यही वजह है कि पूर्व सीएम कमलनाथ ने कांग्रेस विधायकों की बैठक बुलाई। बैठक के दौरान कमलनाथ ने एक एक विधायक से वन-टू-वन चर्चा करके उनके मन की बात जानने की भी कोशिश की। पूर्व सीएम ने विधायकों से कहा कि, भाजपा के छलावे में मत आना। भाजपा के पद और पैसे के लालच में किसी को नहीं आना चाहिए। साथ ही, कमलनाथ ने ये भी कहा कि, पार्टी जल्द ही कांग्रेस विधायकों से संपर्क करने वाले सभी भाजपा नेताओं के नाम उजागर करेगी।
'अब से ये है हमारा उद्देश्य'-कमलनाथ
पूर्व सीएम कमलनाथ ने कहा- मेरा मकसद सिर्फ कांग्रेस पार्टी को मध्य प्रदेश में मजबूत करना है। इसीलिए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद फैसला किया कि, मैं आप लोगों के बीच रहूंगा और जनता के बीच भाजपा सरकार द्वारा किये जा रहे धोखे को उजागर करूंगा। छिंदवाड़ा तक नहीं गया और 24 विधानसभा सीटों के उपचुनाव की रूपरेखा बनाना शुरू कर दिया। कमलनाथ ने सभी विधायकों से कहा कि, आप सभी हौसला बनाए रखें। कांग्रेस ने 1977 का दौर भी देखा। उसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, उनको हराकर सोनिया गांधी ने धमाकेदार वापसी की थी। कांग्रेस विधायकों को निराश नहीं होना है, बल्कि जीत के लिए मजबूती से आगे बढ़ना होगा।