
Kanwar Yatra: कांवड़ यात्रा के रूट पर नेमप्लेट लगाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई करते हुए कहा कि दुकानदारों को पहचान बताने की जरुरत नहीं है। होटल या रेस्टोरेंट चलाने वाले यह बता सकते हैं कि वह खाना शाकाहारी है मांसाहारी। लेकिन उन्हें अपना नाम लिखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। आगे कोर्ट ने कहा कि पुलिस ने अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। वहीं मध्यप्रदेश को नोटिस जारी करके शुक्रवार तक जवाब देने के लिए कहा है।
मध्यप्रदेश सरकार को नेमप्लेट विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया है। हालांकि एमपी सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पहले ही नगर क्षेत्र के तहत कांवड यात्रियों के रास्ते में आने वाली दुकानों के बोर्ड पर दुकान मालिक के नाम लिखने के संबंध में कोई निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।
मध्यप्रदेश सरकार के नगरीय विकास और आवास विभाग ने कहा था कि कई जगहों से खबरें आ रही थी कि वहां कांवड यात्रियों के रास्ते में आने वाली दुकानों पर मालिक के नाम लिखवाए जा रहे हैं। नगरीय विभाग की ओर से कहा गया था कि सभी नगरीय निकायों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वह इस भ्रम से दूर रहें। सरकार ने विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा है कि मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017' के तहत दुकानों पर बोर्ड लगाए जा सकते हैं। इन बोर्डों पर दुकान मालिक का नाम प्रदर्शित करने की कोई अनिवार्यता नहीं है।