
भोपाल। एमपी में राज्य सरकार ने संविदा कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है।
प्रदेश के सभी संविदा कर्मचारियों को दस प्रतिशत वेतन बढ़ौत्तरी की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ये घोषणा की है जिसके बाद राज्य सरकार का सामान्य प्रशासन और वित्त विभाग सक्रिय हो गया है। संविदा कर्मचारियों की वेतन नीति में बदलाव का काम शुरू हो गया है।
सीएम ने संविदा कर्मचारियों को 90 की बजाए नियमित कर्मचारियों के जैसे 100 प्रतिशत वेतन देने की घोषणा की है। इस घोषणा के बाद कर्मचारियों ने खुशी जताई और सभी अधिकारी कर्मचारी अपने वेतन में बढ़ौत्तरी का गणित लगाने में जुट गए हैं। हालांकि किसके वेतन में कितनी वृद्धि होगी, यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, इस संबंध में आदेश आने पर ही पूरी स्थिति पता चलेगी।
इस बीच सीएम शिवराजसिंह की संविदा कर्मचारियों की वेतन वृद्धि की घोषणा पर अमल की प्रक्रिया शुुरु कर दी गई है। संविदा कर्मचारियों को अगस्त से ही वेतन बढ़कर मिल सकता है। इसके लिए राज्य सरकार के वित्त विभाग ने वेतन में दस प्रतिशत की वृद्धि का आकलन करना शुरु कर दिया है।
इसमें एक झंझट और है। एमपी के अधिकांश विभागों में जहां कर्मचारियों को सातवां वेतनमान दिया जा रहा है तो कुछ विभागों में कर्मचारियों को अभी भी छठवां वेतनमान ही मिल रहा है। इसी तरह कुछ कर्मचारियों को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर वेतन मिल रहा है। वित्त विभाग के अधिकारी इन सभी पहलुओं का अपने हिसाब से आकलन कर रहे हैं।
वित्त विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो संविदा कर्मचारी जिस पद पर पदस्थ है, उसी के अनुसार वेतन संबंधी आकलन कर रहे हैं। जिस संविदा कर्मचारी को जिस संवर्ग का महंगाई भत्ता मिल रहा है, उसे इसी प्रकार ही डीए मिलता रहेगा। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर मिल रहे वेतन की व्यवस्था भी बनी रहेगी। वित्त संबंधी नीतिगत मामला होने से वेतन में संशोधन कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही लागू हो सकेगा।