
land data consent system: अब किसी भी नागरिक की जमीन से जुड़े व्यक्तिगत डेटा को उपयोग करने से पहले उसकी स्पष्ट सहमति लेना अनिवार्य है। शासन एक ऐसा एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार कर रहा है, नागरिकों से उनके डेटा के उपयोग के लिए डिजिटल रूप से अनुमति ली जाएगी। दावा है कि भू-अभिलेख से से जुड़ी जानकारियों को और अधिक सुरक्षित बनाया जाएगा। नागरिक यह देख सकेंगे कि उनका डेटा कहां और क्यों इस्तेमाल हो रहा है। वे अपनी सहमति कभी भी वापस भी ले सकेंगे। इसके लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जा रहा है। ये इस सॉफ्टवेयर सिस्टम को डिजाइन, विकसित और संचालित करेगी।
वर्तमान में जमीन के रिकॉर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारियां डिजिटल रूप में उपलब्ध हैं। डेटा चोरी और गलत इस्तेमाल के बढ़ते खतरों को देखते हुए सरकार अब 'प्राइवेसी बाय डिजाइन' के सिद्धांत पर काम कर रही है। यह पोर्टल एक 'सहमति प्रबंधक' के रूप में काम करेगा। ये उपयोगकर्ता और डेटा प्राप्त करने वाली एजेंसी के बीच एक पुल के रूप में रहेगा।
0-बिना अनुमति डेटा शेयरिंग पर रोक, आपकी जानकारी आपकी अनुमति के बिना किसी तीसरे पक्ष को नहीं दी जा सकेगी।
0-नोटिस की सुविधा, डेटा लेने से पहले सरकार आपको बताएगी कि वह कौन सा डेटा ले रही है।
0-शिकायत निवारण, यदि डेटा का गलत इस्तेमाल होता है, तो इस सिस्टम के जरिए शिकायत करना आसान होगा।
पूरा काम निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जा रहा है। प्रणाली विकसित होने के बाद इसका संचालन भी कुछ सालों तक निजी एजेंसी ही करेगी। जाहिर है, जमीन का व्यक्तिगत डेटा पूरा इस एजेंसी के पास होगा। इससे डेटा लीकेज, चोरी व दुरुपयोग की आशंका है। ई-सहमति के नाम पर भ्रम में रखकर ली गई मंजूरी से बाद में जमीन से जुड़े नए तरह के विवाद सामने आ सकते हैं।
लैंड व रेवेन्यू रिकॉर्ड के प्रबंधन की प्रणाली मजबूत की जा रही है। स्थानीय से लेकर राज्य व केंद्र के नियम की मदद ली जा रही है। आमजन के अधिकार बढ़ेंगे।
-प्रियंक मिश्रा, कलेक्टर
0-जमीन से जुड़े व्यक्तिगत डेटा के उपयोग से पहले ई-सहमति जरूरी0-
0-एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म किया जा रहा तैयार, विशेषज्ञ एजेंसी का किया चयन
0-शासन एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म तैयार कर रहा है
0-इसके उपयोग के लिए डिजिटल रूप से अनुमति ली जाएगी
0-भू-अभिलेख से जुड़ी जानकारियां सुरक्षित रहेंगी।
0-इससे सभी नागरिकों के डेटा सुरक्षित रहेंगे
0-एक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन किया जा रहा है।
0-यह साफ्टवेयर सिस्टम को डिजाइन करेगी।
0-यह प्राइवेसी बाय डिजाइन के सिद्धांत पर करेगी काम
0-यह पोर्टल सहमति प्रबंधक के रूप में करेगा काम