
भोपाल। चुनाव संबंधी अनुमति के लिए शुरू किया गया 'सुविधा एप' नेताओं और उनके प्रतिनिधियों के दुविधा बन रहा है। एसडीएम कार्यालय अनुमति लेने पहुंच रहे नेता जी यह देख असमंजस में पड़ जाते हैं कि उनके हाथ में तो कागज हैं, लेकिन अधिकारी कहते हैं ऑनलाइन एप से आवेदन करो।
ऐसे में वे आइटी एक्सपर्ट को मदद के लिए बुलाते हैं। खास बात है कि अन्य विभागों की अनुमतियां भी एप में अपलोड करनी हैं। जिले में पहली अनुमति बसपा के लोकसभा प्रभारी अनिल पांडे को जारी की गई थी, फिर नरेला से आप प्रत्याशी रेहान को वाहन परमिशन जारी की गई।
रेहान जब अनुमति लेने रिटर्निंग ऑफिसर व एसडीएम गोविंदपुरा कार्यालय गए तो ऑनलाइन आवेदन का सुनकर हैरत में पड़ गए। किसी तरह आवेदन बनाया, लेकिन जानकारी के अभाव में उस दिन एप ऑन नहीं हो सका।
कार्यालय के लिए भूस्वामी की अनुमति
दक्षिण-पश्चिम सीट से आप प्रत्याशी आलोक अग्रवाल अस्थाई कार्यालय और वाहन की अनुमति के लिए रिटर्निंग ऑफिसर व एसडीएम टीटी नगर के यहां आवेदन देने आए।
जब उन्हें एप का पता चला तो उनकी तरफ से अनुमति लेने खुद आइटी के जानकार अमर तिवारी पहुंचे। नेहरू नगर में जहां कार्यालय खोला जा रहा है, वहां के भूस्वामी की अनुमति लेनी पड़ी।
सूर्या कॉलोनी में शिवसेना का कार्यालय खोले जाने के लिए राजकुमार पांडे अनुमति लेने पहुंचे। ऑनलाइन का सुनकर वे भी हैरत में पड़ गए। बाद में कर्मचारियों की मदद से उन्हें अनुमति जारी की गई।
इधर, भाजपा ने झंडा लगाने की मांगी अनुमति, चुनाव आयोग बोला निगम के पास जाएं:-
21 अक्टूबर को भाजपा का स्थापना दिवस है। इस संबंध में पार्टी में निर्वाचन आयोग समिति के संयोजक शांतिलाल लोढ़ा शनिवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी वीएल कांताराव से मिले।
कार्यकर्ताओं के आवास पर झंडे लगाने की अनुमति मांगी। कांताराव ने कहा कि मकानों में झंडे-बैनर लगाने की अनुमति नगर निगम देता है, उसके पास जाएं। लोढ़ा ने कांग्रेस की राम वन गमन पथयात्रा पर सवाल खड़े किए हैं।
उधर, अनारक्षित समाज पार्टी के आशुवेंद्र प्रताप सिंह ने आयोग से शिकायत की है कि ग्वालियर में बायपास पर टोल प्लाजा ने टोल टैक्स 35 फीसदी तक घटा दिया है। जो सही नहीं है।