
भोपाल। मध्यप्रदेश सहित देश के विभिन्न जिलों में मोबाइल को आधार नंबर से लिंक करना जरूरी कर दिया गया है। इसके तहत 6 फरवरी 2018 तक सभी यूजर्स को अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराना है। वहीं यदि वे ऐसा नहीं कराते हैं तो उनका मोबाइल नंबर बंद हो जाएगा।
मोबाइल से आधार लिंक के संबंध में काफी पहले आदेश हो चुके हैं, लेकिन कुछ लोग बिजी शेड्यूल की वजह से आधार लिंक कराने के लिए टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइड के पास नहीं जा पाते हैं या जा पाए हैं। ऐसे में अब तक उनका मोबाइल आधार से लिंक नहीं हो पाया है।
दरअसल भोपाल सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों में बाहर से आए लोग भी रह रहे हैं। ऐसे में उनका आधार कार्ड बाहर का होने के चलते शुरू में उनका मोबाइल कंपनियों द्वारा लिंक नहीं किया गया।
ऐसे में बार बार जाने पर भी जब मोबाइल नंबर लिंक नहीं हुआ तो इनमें से कई लोगों ने आधार लिंक की ओर ध्यान देना ही बंद कर दिया। इसके अलावा कई लोगों के ड्यूटी अवर्स इस प्रकार हैं कि वे चाहकर भी मोबाइल लिंक नहीं कर पाए। जबकि कुछ अत्यधिक व्यस्थता के कारण अब तक आधार लिंक नहीं करवा पए हैं।
इसी समस्या को देखते हुए एक नया तरीका निकाला गया है, जिसके तहत एक जनवरी 2018 से आप घर बैठे अपने मोबाइल को आधार से लिंक करने का यह काम आसानी से कर सकेंगे। अब तक तो कस्टमर को इसके लिए टेलिफोन सर्विस प्रोवाइडर के सेंटर पर जाना ही पड़ता है।
ऐसे होगी पूरी प्रोसेस...
फोन से करना होगा आईवीआरएस को कॉल: अपने मोबाइल नंबर के साथ अपने आधार विवरणों को जोड़ने के लिए, ग्राहकों को अपने मोबाइल नंबर से इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पांस सिस्टम (आईवीआरएस) को कॉल करना होगा।
इसके बाद मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करने की अनुमति देनी होगी। फिर यूजर को एक ओटीपी भेजा जाएगा, जो एक बार टाइप की गई प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। उसके बाद ग्राहक को सूचित किया जाएगा कि उनका नंबर आधार के साथ लिंक कर दिया गया है।
आधार से लिंक होना चाहिए मोबाइल नंबर :
खास बात ये है कि उपभोक्ता इस सुविधा का लाभ केवल तभी उठा सकेंगे, जब उनका मोबाइल नंबर आधार डेटाबेस में पहले से ही मौजूद हो। अजय भूषण पांडे सीईओ यूआईडीएआई के अनुसार इससे लोगों को दूरसंचार आउटलेट पर पहुंचने के बिना आधार के साथ अपना मोबाइल नंबर सत्यापित करने में मदद मिलेगी। मगर, यह तभी हो पाएगा, जब उनका मोबाइल नंबर पहले ही आधार डेटाबेस में जोड़ लिया गया हो।
ऑटोमैटिक होगी पूरी प्रॉसेस
टेलिफोन सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा गया है कि सभी वॉइस चैनल्स पर सुरक्षा के पूरे इंतजाम रखें। यह पूरा प्रोसेस ऑटोमैटिक होना चाहिए। सुरक्षा बिल्कुल बैंकों के आईवीआर की तरह ही होनी चाहिए। यूआईडीएआई का कहना है कि टेलिफोन सर्विस प्रोवाइडर्स ने सुनिश्चित किया है कि आधार नबर को ऑपरेटर्स और कस्टमर रिलेशनशिप एग्जीक्यूटिव्स एक्सेस नहीं कर पाएंगे।
ये कहते हैं राजधानी वासी:
मैं कई बार अक्टूबर नवंबर में टेलिफोन सर्विस प्रोवाइडर के सेंटर जा चुका हूं पर चुंकि मेरा आधार कार्ड बाहर का है, अत: वहां कह दिया जाता है आप बाद में आए। इसी के कारण मैंने वहां जाना ही बंद कर दिया। समय की भी परेशानी रहती है। अब यदि हम घर बैठे ही आधार लिंक करा सकेंगे तो यह मेरे जैसे हजारों उपभोक्ताओं के लिए एक अच्छी पहल है।
- मुकेश गोयल, व्यवसायी
हम कई बार मोबाइल सेंटर जा चुके हैं, कभी कनेक्टीविटी कट जाती है तो कहीं हमारे आधार में पता बदलवाने के कारण सेंटर इसे मानने से इंकार करते हुए बाद में आने की कह देते हैं। अब देखते हैं क्या हो सकता है। नहीं तो अब दूसरा नंबर आधार दिखाकर ही लेंगे। जैसा आप बता रहे हैं कि हम घर से ही लिंक कर लेंगे तो ये सुविधा बहुत सही है।
- हेमंत शर्मा, छात्र,बीयू भोपाल
मैं एक निजी कंपनी में काम करता हूं, हमें ड्यूटी के कारण समय ही नहीं मिल पाता। फिर भी में आॅफिस से एक दो बार आधार लिंक कराने मार्केट गया, पर वहां आधार लिंक करने वाले के यहां ही लिंक करने वाले उसके मोबाइल में नेट का प्राब्लम आ जाता था। अब यदि ये नया तरीका आया है, तो हम भी आधार लिंक करा लेंगे।
- रघुवीर सिंह, निजी कंपनी के कर्मचारी