MP weather- मध्यप्रदेश में मानसून का अजब रुख लोगों को परेशान कर रहा है। प्रदेश में शुरुआत से ही जबर्दस्त बरसात हुई लेकिन अगस्त का पहला सप्ताह सूखा ही बीता।
MP weather- मध्यप्रदेश में मानसून का अजब रुख लोगों को परेशान कर रहा है। प्रदेश में शुरुआत से ही जबर्दस्त बरसात हुई लेकिन अगस्त का पहला सप्ताह सूखा ही बीता। दूसरा हफ़्ता भी कुछ ऐसा ही गुजर रहा है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में पिछले करीब 11 दिनों से तेज बरसात नहीं हुई है। हालांकि आनेवाले दिन बारिश के लिहाज से जोरदार साबित हो सकते हैं। प्रदेश में 13 अगस्त से एक बार फिर झमाझम बरसात चालू होने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार जल्द ही प्रदेश में लो प्रेशर एरिया सक्रिय होनेवाला है।
प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा डेढ़ सौ प्रतिशत तक पहुंच चुका है। अशोकनगर, छतरपुर, ग्वालियर, राजगढ़, गुना, मुरैना, टीकमगढ़, निवाड़ी, श्योपुर और शिवपुरी जिलों में मानसूनी बारिश का कोटा पूरा हो गया है। हालांकि इंदौर उज्जैन संभाग में कई जिलों में सूखे की सी स्थिति भी बनी है।
एमपी में 16 जून को मानसून आया और जल्द ही पूरे प्रदेश पर छा भी गया। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक करीब 30 इंच औसत बारिश हो चुकी है। करीब 7 इंच ज्यादा पानी बरस चुका है।
सावन के अंतिम कुछ दिन और भादौं का अभी तक का समय बरसात के लिहाज से सूखा साबित हुआ है। इस दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज बारिश नहीं हुई है। हालांकि 12 अगस्त को कई जिलों में बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार 13 अगस्त से एमपी में मानसून का नया दौर चालू होगा। जोरदार बरसात का यह दौर प्रदेश का कोटा पूरा करा सकता है। बंगाल की खाड़ी में बननेवाले लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) 13 अगस्त से प्रदेश में एक्टिव होगा जिससे पूरे राज्य में फिर से झमाझम बरसात शुरू हो जाएगी। बारिश का यह दौर पूरे माह तक जारी रहेगा।