LPG shortage: मध्य प्रदेश में LPG की किल्लत गहराई, प्रदेश में सिर्फ 15 फीसदी स्टॉक बचा है, घरेलू गैस सिलेंडर के लिए 5-7 दिन तक करना पड़ रहा इंतजार, भोपाल-इंदौर मेट्रो को भी फिलहाल गैस सप्लाई नहीं मिलेगी।
LPG Shortage: मध्य प्रदेश में रसोई गैस की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में LPG की सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है। प्रदेश में LPG का स्टॉक सामान्य से भी काफी कम रह गया है। वहीं कई जिलों में घरेलू गैस सिलेंडर की डिलिवरी के लिए लोगों को 5-7 दिन का इंतजार करना पड़ रहा है।
जानकारी के मुताबिक प्रदेश में इस समय कुल मांग के मुकाबले करीब 15% LPG का स्टॉक ही उपलब्ध है। इसे भी मुख्य रूप से इमरजेंसी जरूरतों के लिए सुरक्षित रखा गया है। ऐसे में प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर घरेलू गैस उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यही कारण है कि फिलहाल औद्योगिक उपयोग और अन्य परियोजनाओं के लिए गैस सप्लाई सीमित कर दी गई है।
गैस की कमी (LPG Shortage) का असर राज्य की बड़ी परियोजनाओं पर भी पड़ रहा है। भोपाल और इंदौर मेट्रो परियोजनाओं को फिलहाल एलपीजी की सप्लाई नहीं दी जाएगी। सरकार का कहना है कि जब तक सप्लाई सामान्य नहीं हो जाती, तब तक गैस का उपयोग सिर्फ जरूरी आवश्यकताओं के लिए ही किया जाएगा।
गैस एजेंसियों के मुताबिक सप्लाई कम (LPG Shortage) होने की वजह से बुकिंग के बाद सिलेंडर को डिलिवरी में 5-7 दिन तक का समय लग रहा है। कुछ शहरों में यह इंतजार और भी बढ़ सकता है। एजेंसी संचालकों का कहना है कि जैसे ही गैस की नई खेप पहुंचेगी, डिलीवरी की स्थिति सामान्य होने लगेगी।
सप्लाई का संकट (LPG Shortage) देखते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद ही उद्योग और प्रोजेक्ट्स को गैस उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कुछ दिनों में ही सप्लाई आने की उम्मीद है, जिसके बाद धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी।