
भोपाल. टोक्यो पैरालंपिक में इस बार देश की प्रतिभाओं ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया है. देश की टी में मध्यप्रदेश की दो बेटियां भी शामिल है जो अलग—अलग खेलों में राज्य का प्रतिनिधित्व कर रही हैं. जबलपुर की रुबीना मूलत: शूटर हैं और भिंड की प्राची यादव केनाइंग में अपना कमाल दिखाएंगी।
प्राची पिछले कई महीने से भोपाल में रहकर छोटी झील में प्रैक्टिस कर रही थीं। इस बार केनोइंग में उनके पद जीतने की जबर्दस्त उम्मीदें हैं. उनके इवेंट वीएल-2 200 मीटर में पिछले पैरालंपिक में 56 सेकंड पर गोल्ड मिल गया था और 1.5 सेकंड पर ब्रॉन्ज मिला था जबकि उनकी टाइमिंग 1.6 की है।
उनका कहना था कि यहां की तुलना में पैरालंपिक में हल्की बोट मिलेगी जिससे टाइमिंग में और सुधार आएगा। टोक्यो के लिए उन्होंने 20 किलो वजन की बोट से अभ्यास किया है लेैकिन पैरालिंपिक में बोट का वजन मात्र 13 किलो होता है। सात किलो ज्यादा वजनी बोट से अभ्यास का उन्हेें फायदा मिलेगा.
इधर शूटर रुबिना के दोनों पैरों में खराबी है. उनके पैरों के पंजे मुड़े हुए हैं। वे एमपी स्टेट शूटिंग एकेडमी भोपाल में रहकर प्रेक्टिस कर चुकी हैं. उनके पिता मैकेनिक हैं। शारीरिक के साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर होते हुए भी रुबीना ने अपना संघर्ष जारी रखा है.
2014 में शूटिंग में कॅरियर शुरू रुबिना ने जून माह में पैरा शूटिंग वर्ल्ड कप में जबर्दस्त प्रदर्शन किया था. 238.1 अंकों का रिकार्ड बनाते हुए उन्होंने टोक्यो ओलिंपिक का टिकट हासिल किया था। पेरू के लीमा में आयोजित इस वर्ल्ड कप में प्रदर्शन के आधार पर पैराशूटिंग में पदक की आस है.
प्राची यादव का इवेंट दो सितंबर को है जब वे अपना हुनर दिखाने पानी में उतरेंगी। इधर पैराशूटिंग का इवेट मंगलवार को प्रारंभ होगा जिसमें रुबिना भाग लेंगी. प्रदेश की इन दोनों बेटियों से राज्य के सभी खिलाड़ी, खेल संगठनों के लोगों ने अच्छे प्रदर्शन की आस जताई है.