कलेक्टर ने निर्वाचन में लगे अधिकारियों को मतदान केन्द्रों के लिए दिए निर्देश...
भोपाल। मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को विधानसभा के चुनाव होने हैं, ऐसे में जहां एक और प्रशासनिक अमला चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है, वहीं चुनाव के दौरान उपयोग में ली जाने वाली ईव्हीएम मशीनों की भी कुछ रोचक बातें हैं, जिनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
इन्हीं सब तैयारियों के बीच गुरुवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सुदाम खाडे ने चुनाव कार्य में लगे अधिकारियों को मतदान केंद्रों में सुगम मतदान के लिए रैम्प तथा व्हील चेयर की व्यवस्था करने को कहा है।
उन्होंने वॉलेंटियर्स की जानकारी तैयार करने तथा मतदान दल के कर्मियों के लिए डाक मत-पत्र की व्यवस्थाओं की जानकारी भी ली।
इसी तरह से खाडे ने मतदान शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए निर्देश दिए हैं कि राजनीतिक पार्टी के कार्यकर्ता जो वयस्क हैं, और संबंधित विधानसभा क्षेत्र के मतदाता नहीं, मतदान के दिन उस क्षेत्र से हट जाएं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर 28 नवम्बर 2018 की शाम तक रहेगा।
जागरूकता के लिए आयोजन : मतदान के प्रति जागरूकता के लिए 26 अक्टूबर को शाम 5 से 7 बजे तक मानव संग्रहालय में कार्यक्रम होगा। प्रसिद्ध लोकगायक प्रहलाद टिपाणिया कबीर भजनों से मताधिकार का महत्व समझाएंगे।
विदेशी शराब जब्त, 15 प्रकरण बनाए गए
जिला आबकारी दल ने केरवा डेम रोड के मेंडोरा विलेज पर दबिश देकर 45 लीटर हाई रेंज विदेशी शराब जब्त की।
इसके अलावा मालवीय नगर के जौहरी रेसीडेंसी और श्री पैलेस की भी तलाशी ली गई है। नीलबड़ के साक्षी होटल और पीपी फूड लॉन्ज के खिलाफ भी 15 प्रकरण बनाए गए हैं।
जिस ईवीएम से लोकतंत्र का है वास्ता, जानिए उसकी दास्तां...
कितने बटन?
16- बटन होते हैं नोटा सहित एक बैलेटिंग यूनिट पर अधिकतम।
अगर 16 से ज्यादा उम्मीदवार हों तो?
24 बैलेटिंग यूनिट्स जोड़ी जा सकती हैं। कुल 384 नाम दर्ज हो सकते हैं।
पहली बार
1982- में केरल के नॉर्थ परवुर (पहले परुर) सीट पर विधानसभा चुनाव के दौरान हुआ।
कितने वोट
2,000 वोट डाले जा सकते हैं अधिकतम एक बैलेटिंग यूनिट पर।
कौन बनाता है:
भारतीय निर्वाचन आयोग की टैक्नीकल एक्सपर्टस कमेटी (टीईसी) डिजाइन करती है।
भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, बेंगलूरु नामक दो सावर्जनिक उपक्रम ईवीएम बनाते हैं।
कितना खर्च:
8,670 रु. प्रति यूनिट खर्चा आया 2006-10 के दौरान बनी एम-2 ईवीएम मशीन पर ।
17,000 रु. प्रति यूनिट खर्च आया 2013 से इस्तेमाल हो रही है एम-3 ईवीएम मशीन पर ।