भोपाल

ब्यूटी विद् ब्रेन : राजनीति के साथ घर भी संभाला, मॉर्निंग वॉक और योग से हैं फिट…

जो जिम्मेदारी मिली उसे निभाया, परिवार के सहयोग से बिठाया तालमेल
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Oct 30, 2018
women politicians
ब्यूटी विद् ब्रेन : राजनीति के साथ घर भी संभाला, मॉर्निंग वॉक और योग से हैं फिट...

भोपाल। महिलाओं के लिए राजनीति की डगर बहुत चुनौतीपूर्ण है। दिन-रात भाग-दौड़, परिवार और राजनीतिक गतिविधियों के बीच सामंजस्य बैठाना आसान नहीं है।

इतनी भागमभाग में खुद को फिट रख पाना आसान नहीं, लेकिन प्रदेश की राजनीति में ऐसी कई महिलाएं हैं, जो अपने विवेक और कार्य के दम पर आगे बढ़ रही हैं। फिटनेस पर भी पूरा ध्यान दे रही हैं। वे विधानसभा चुनाव के टिकट की दावेदार भी हैं। उन्होंने 'पत्रिका' से अपने अनुभव साझा किए।

ये पूछे गए प्रश्न

- आप राजनीति में खुद को कितना सफल और स्थापित मानती हैं?
- आपका राजनीति में लक्ष्य क्या है?
- मीटू का दौर चल रहा है, क्या आपको अभद्रता का सामना करना पड़ी?
- परिवार और राजनीति के बीच कैसे तालमेल बैठाती हैं?
- फिट रहने व खुद को मेंटेन रखने के लिए क्या करती हैं?

ये मिले जवाब
- पांच साल में क्षेत्र में काम करके संतुष्टि मिली, इसलिए सफल हूं।
- ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सशक्त करना लक्ष्य है।
- मीटू का सामना कभी नहीं करना पड़ा।
- महिलाओं के लिए राजनीति बेहद कठिन है, लेकिन महिलाएं अब आगे आने लगी हैं।
- फिट रहने के लिए हर दिन 10 किलोमीटर वॉक, एक्सरसाइज और योग करती हूं।

पारुल साहू, सुरखी विधायक, भाजपा (विधानसभा चुनाव टिकट की दावेदार कहां से : सुरखी)


- पार्टी के लिए मेहनत कर रहे हैं। वही बताएगी कितनी सफल हूं।
- ग्रामीण समस्याओं को हल करना ही लक्ष्य है।
- मीटू को कभी फेस नहीं किया।
- महिला के लिए दोहरी जिम्मेदारी होती है। परिवार और राजनीति में तालमेल बैठाना कठिन होता है।
- मैं फिट रहने के लिए वॉक करती हूं और सिम्पल डाइट फॉलो करती हूं।

जयश्री हरिकिरण, अध्यक्ष, जिला ग्रामीण (विधानसभा चुनाव टिकट की दावेदार कहां से : बैरसिया)

- महापौर रहते जो विकास कार्य किया, वह काफी है। इससे खुद को संतुष्ट मानती हूं।
- पार्टी और जनता की सेवा करना। पार्टी जो मौका देगी,
वह करेंगे।
- मीटू से सामना नहीं हुआ।
- महिलाएं दोहरी जिम्मेदारी निभा सकती हैं, इसलिए राजनीति में भी महिलाओं को आना चाहिए।
- हर दिन व्यायाम और वॉक करती हूं।

कृष्णा गौर, पूर्व महापौर, भोपाल (विधानसभा चुनाव टिकट की दावेदार कहां से : गोविंदपुरा)


- महापौर रहते मैंने जनता के लिए काम किए। जनता फीडबैक देती है कि मैं सफल रही।
- पार्टी के लिए काम करना ही मेरा लक्ष्य है।
- महिलाएं मजबूती से जवाब दें तो कोई नजर नहीं उठा सकेगा।
- मेरे परिवार ने मुझे बहुत सहयोग किया है।
- हर्बल प्रोडक्ट्स, मॉर्निंग वॉक, मेडिटेशन के साथ ईश्वर की उपासना करने से फिट रखती हूं।

समीक्षा गुप्ता, पूर्व महापौर, ग्वालियर (विधानसभा चुनाव टिकट की दावेदार कहां से : ग्वालियर दक्षिण)

- गोवा-महाराष्ट्र की प्रभारी रही। टिकट सफलता का पैमाना नहीं।
- संगठन में काम कर रही हूं। पार्टी किसको क्या मौका देती है, यह मायने रखता है।
- मीटू-मूवमेंट से जुड़ी हूं, लेकिन इसका सामना नहीं करना पड़ा।
- बिना राजनीतिक बैकग्राउंड के किसी महिला के लिए राजनीति में काम करना बेहद कठिन है।
- खुद को फिट रखने के लिए वॉक करती हूं।

प्रतिभा रघुुवंशी, महासचिव, युवा कांग्रेस (विधानसभा चुनाव टिकट की दावेदार कहां से : मांधाता)


- माता-पिता के असमय निधन से अचानक राजनीति में आई। लोकसभा के उपचुनाव की हार को मैं हार नहीं मानती।
- कांग्रेस मुझे आगे जिम्मेदारी देती है तो मैं चुनाव लड़ूंगी।
- मीटू से सामना नहीं हुआ।
- परिवार और राजनीति में तालमेल बैठना महिलाओं के लिए कठिन होता है।
- फिट रहने के लिए बैलेंस डाइट, मॉर्निंग वॉक और योग करती हूं।

हिमाद्रि सिंह, कांग्रेस नेत्री (विधानसभा चुनाव टिकट की दावेदार कहां से : पुष्पराजगढ़)

Updated on:
30 Oct 2018 08:35 am
Published on:
30 Oct 2018 08:35 am