Time scale pay - समयमान वेतनमान के एरियर को सर्वोच्च प्राथमिकता, मंत्री प्रहलाद पटेल ने वेतनमान से जुड़े मामलों पर सख्ती दिखाई
Time scale pay - एमपी में कर्मचारियों के समयमान वेतनमान पर बड़ा फैसला लिया गया है। इसके एरियर का भुगतान सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। मध्यप्रदेश श्रम कल्याण मंडल की 64 वीं बैठक में इस संबंध में स्पष्ट निर्देश दिए गए। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने वेतनमान से जुड़े मामलों पर सख्ती दिखाई। उन्होंने सभी लंबित प्रकरणों की सूची बनाकर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में देरी से कार्यकुशलता प्रभावित होती है, इसलिए तुरंत निपटारा करने की कोशिश करें। उन्होंने कहा कि श्रमिकों और कर्मचारियों का मनोबल बनाए रखना शासन की जिम्मेदारी है।
श्रम कल्याण मंडल की बैठक में मंडल का आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट सदस्यों द्वारा चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से पारित किया गया। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने मंडल की योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बैठक में श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन, कल्याण आयुक्त संजय कुमार, श्रमिकों एवं नियोजकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
श्रमिकों के बच्चों के शैक्षणिक उत्थान को केंद्र में रखते हुए बैठक में मेधावी छात्रों को प्रोत्साहन देने और प्रारंभिक स्तर पर कॅरियर काउंसलिंग की व्यवस्था विकसित करने की बात कही गई। श्रम सचिव रघुराज राजेन्द्रन ने बताया कि श्रम कल्याण बोर्ड में संपूर्ण कंप्यूटरीकरण एमपीएसईडीसी के माध्यम से किया जा रहा है। श्रम विभाग द्वारा नई श्रम संहिताओं पर संभागीय स्तर की कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। इन संहिताओं के आधार पर राज्य में श्रम कानूनों में संशोधन किए जा रहे हैं।
बोर्ड बैठक में भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के निराकरण पर भी चर्चा हुई। श्रम मंत्री प्रहलाद पटेल ने भविष्य निधि (ईपीएफ) से जुड़ी समस्याओं के समाधान और सामाजिक सुरक्षा अंशदान जमा न करने वाले प्रिंसिपल एम्प्लॉयर की जानकारी पोर्टल पर सार्वजनिक करने की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। नियमित कर्मचारियों को समयमान वेतनमान के एरियर भुगतान पर अहम निर्णय लेते हुए इसे शीर्ष प्राथमिकता देने की बात कही गई।
बैठक में दैनिक वेतनभोगियों के नियमितीकरण, श्रमिक कल्याण योजनाओं की प्रगति, खेल एवं कौशल विकास गतिविधियों तथा नवीन श्रम संहिताओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। खेल प्रतियोगिताओं की अवधि बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में बताया गया कि चचाई और इंदौर में सिलाई केंद्रों को पुनः प्रारंभ किया जा रहा है। वर्तमान में 27 श्रम कल्याण केंद्रों में से 17 में सिलाई-कढ़ाई केंद्र संचालित हो रहे हैं। श्रमिकों के लिए कंप्यूटर केंद्र भी संचालित हैं।