Bhopal- राज्य में किफायती आवास नीति 'अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी' बनाई जा रही, 30 दिनों में अंतिम ड्राफ्ट
Bhopal- मध्यप्रदेश में लोगों को किफायती मकान उपलब्ध कराने पर फोकस किया जा रहा है। इसके लिए प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने बड़ी कवायद की है। राज्य में भविष्योन्मुखी किफायती आवास नीति 'अफोर्डेबल हाउसिंग पॉलिसी' बनाई जा रही है। इसका 30 दिनों में अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर लिया जाएगा। किफायती आवास नीति में 50 लाख से प्रॉपर्टी आईडी डेटा का इस्तेमाल किया जाएगा। भोपाल के भौंरी स्थित सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय नगर प्रबंधन संस्थान में आवास नीति पर एक गहन स्टेकहोल्डर परामर्श सत्र का आयोजन किया गया। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि डेटा-आधारित नीति से प्रदेश के शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।
एमपी में नागरिकों को सुलभ और पर्यावरण-अनुकूल आवास उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA), भोपाल के सहयोग से आयोजित कार्यशाला में प्रदेश की आगामी आवास नीति के स्वरूप, भविष्य की रणनीतियों और सामाजिक स्थिरता पर विस्तार से मंथन किया गया।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि विभाग के पास वर्तमान में करीब 55 लाख प्रॉपर्टी आईडी का विशाल डेटा उपलब्ध है। इस डेटा का उपयोग कर एक सशक्त और साक्ष्य-आधारित हाउसिंग पॉलिसी तैयार की जाएगी। उन्होंने आवास नीति की महत्ता को रेखांकित करते हुए SPA, भोपाल को निर्देशित किया कि अगले 30 दिनों के भीतर नीति का अंतिम ड्राफ्ट तैयार कर प्रस्तुत करें।
नई आवास नीति में आईटी टूल्स (IT Tools) का प्रभावी उपयोग किया जाएगा, जिससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता आए। आयुक्त संकेत भोंडवे ने अपर आयुक्त शिशिर गेमावत को निर्देश दिए कि नीति निर्माण में क्रेडाई (CREDAI) जैसे संगठनों के माध्यम से निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
किफायती आवास के लिए कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने वैश्विक और आधुनिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किए। डब्लूआरआई इंडिया के सिद्धार्थ त्यागराजन ने आवासीय क्षेत्रों को 'संपूर्ण और सुविधाजनक' बनाने पर, अहमदाबाद के डॉ. साकेत सर्राफ ने आवासों में ऊर्जा दक्षता और नवीकरणीय ऊर्जा की आवश्यकता जताई।
CII हैदराबाद दिशा जैन ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़कर 'ग्रीन रेटिंग' प्रक्रियाओं की जानकारी साझा की और पूर्व मुख्य योजनाकार, CIDCO डॉ. अपर्णा वेदुला ने आवासों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 'क्रॉस-सब्सिडी मॉडल' पर विस्तार से चर्चा की। SPA भोपाल की प्रधान अन्वेषक प्रो. डॉ. श्युली मित्रा ने मध्यप्रदेश किफायती आवास नीति के प्रस्तावित प्रारूप प्रस्तुत किया।
इंडक्टिव सत्र में प्रदेश के विभिन्न नगर निगमों के आयुक्त, स्मार्ट सिटी के सीईओ और विकास प्राधिकरणों के अध्यक्षों ने अपने व्यावहारिक सुझाव दिए। बिल्डिंग डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक सीबी चक्रवर्ती ने विषय से संबंधित महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए।