MANIT Student Food Poisoning Case: मैनिट के बॉयज हॉस्टल-4 में हनुमान जयंती पर पूड़ी-सब्जी खाकर फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए 70 से ज्यादा स्टूडेंट्स, खाद्य विभाग की टीम पहुंची मेस, निरीक्षण किया, खाद्य सामग्री के लिए नमूने... जांच के लिए भेजे
MANIT Student Food Poisoning Case: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MANIT) में बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद खाद्य विभाग की टीम निरीक्षण करने पहुंची। टीम ने हॉस्टल की मेस का निरीक्षण किया। इस दौरान खाद विभाग ने खाद्य सामग्री के 6 नमूने लिए। टीम ने वहां के चावल, दाल, आटा, बेसन, पनीर, सब्जी के अलावा दूसरे खाद्य पदार्थो के नमूने भी लिए हैं। सभी नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
बता दें कि मौलाना आजाद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MANIT) के बॉयज हॉस्टल-4 में शनिवार को परोसे गए खाने के बाद 70 से अधिक छात्रों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। छात्रों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायतें हुईं। इसके बाद उन्हें संस्थान परिसर के चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की।
हालांकि अधिकांश छात्रों की तबीयत में इलाज के बाद सुधार हुआ, लेकिन करीब 20 छात्रों की हालत में सुधार न होने पर उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडिकल टीम की सतर्कता और कॉलेज प्रशासन की तत्परता के चलते एक बड़ी अनहोनी होने से टल गई।
मैनिट प्रबंधन के अनुसार इन दिनों संस्थान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छात्र भाग ले रहे हैं और परिसर में काफी घूम-फिर रहे हैं। गर्मी के कारण धूप में ज्यादा समय बिताना और बाहर का खानपान करना भी छात्रों की तबीयत बिगड़ने की एक संभावित वजह हो सकती है, हालांकि छात्र मेस के खाने में गड़बड़ी होने की बात कह रहे हैं, शनिवार को हनुमान जयंती होने के कारण पूड़़ी सब्जी, चावल बना था। खाना खाने के बाद तबीयत बिगड़ने लगी रात में कुछ छात्रों के पेट में दर्द उठा और फिर उल्टी होने लगी।
मैनिट में कोऑपरेटिव मेस संचालित की जाती है, छात्र संगठनों का आरोप है कि हॉस्टल के भोजन की गुणवत्ता लंबे समय से खराब रही है और इस संबंध में प्रशासन को कई बार शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
मैनिट प्रशासन का कहना है कि सिर्फ 15 छात्रों ने स्वास्थ्य संबंधी शिकायत की थी, जिन्हें रेजिडेंट डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार दिया, जबकि कुछ को अस्पताल रेफर किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, रविवार सुबह से शाम तक 20 से से अधिक छात्र इलाज के लिए पहुंचे। डॉक्टरों का मानना है कि मामला फूड प्वाइजनिंग का हो सकता है। फिलहाल छात्रों की हालत स्थिर है। छात्रों के मुताबिक बीमार होने वाले छात्रों की संख्या 70 से भी ज्यादा है।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने हॉस्टल की मेस का निरीक्षण किया और मेस में उपयोग हो रही खाद्य सामग्री को संदेहास्पद मानते हुए कई नमूनों को जांच के लिए भेजा गया। चावल (खुला), तुअर दाल (खुली), आटा, बेसन, बनी हुई पनीर सब्जी और पका और लूज चावल सहित कुल 6 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए। नमूनों की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि फूड पॉइजनिंग का असली कारण क्या था।
रात में कुछ छात्रों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली। उन्हें परिसर के चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ छात्रों को अस्पताल में एडमिट कराया गया है। स्वास्थ्य में सुधार है।
-प्रो. शैलेन्द्र जैन, डीन स्टूडेंट वेलफेयर, मैनिट