Bhopal- राजधानी भोपाल में एक साल में सड़कों पर नहीं दिखेंगे वेंडर, मेगा प्लान पर काम होगा शुरू, हॉकर्स कॉर्नर्स की रिपोर्ट तलब
Bhopal- मध्यप्रदेश में सड़कें चौड़ी करने की कवायद चल रही है। इसके तहत फुटपाथ खाली कराने की तैयारी की जा रही है। शुरुआत राजधानी भोपाल से होगी जहां एक साल में सड़कों पर कोई वेंडर नहीं दिखेगा। इसके लिए नगर निगम ने मेगा प्लान बनाना शुरू कर दिया है। भोपाल की सड़कों, फुटपाथों और नालियों के ऊपर व्यापार करने वाले करीब 80 हजार स्ट्रीट वेंडर्स (पथ विक्रेता) को हटाया जाएगा। इसके लिए बीते सप्ताह मेयर मालती राय ने सभी विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारी कार्यपालन यंत्रियों से हॉकर्स कॉर्नर्स की रिपोर्ट तलब की थी। निगम का लक्ष्य एक साल में शहर की सभी मुख्य सड़कों को स्ट्रीट वेंडर (रेहड़ी व ठेले) से मुक्त कराना है।
80 हजार वेंडर्स को व्यवस्थित करने भोपाल को 44 क्रिकेट स्टेडियम के बराबर खाली जमीन की आवश्यकता
भोपाल के फुटपाथ खाली कराने की शुरुआत लिंक रोड नंबर-1 से हो चुकी है। यहां निगम आयुक्त ने तीन दिनों में ठेले-गुमटियां हटाने के निर्देश दिए हैं। बता दें, 80 हजार वेंडर्स को व्यवस्थित करने भोपाल को 44 क्रिकेट स्टेडियम के बराबर खाली जमीन की आवश्यकता होगी।
हालांकि मामले में शहर की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है। शहर में 26 हॉकर्स कॉर्नर हैं, जिनमें से कुछ आधे-अधूरे हैं, कहीं पर अतिक्रमण हो गया है, जबकि सात-आठ ही संचालित हो रहे हैं। निगम को 85 वार्ड क्षेत्रों में कम से कम 58 हॉकर्स कॉर्नर बनाने थे लेकिन अधिकांश वार्डों में जमीन का आवंटन तक नहीं हुआ। ऐसे में सवाल यह है कि जब पुराने कॉर्नर ही नहीं संभले तो 80 हजार वेंडर्स को कहां और कैसे जगह मिलेगी!
पीएम स्वनिधि लोन लेने के मामले में भोपाल के वेंडर्स देश में दूसरे स्थान पर
गौरतलब है कि पीएम स्वनिधि लोन लेने के मामले में भोपाल के वेंडर्स देश में दूसरे स्थान पर रहे हैं। इस साल 14,802 वेंडर्स को लोन स्वीकृत किए गए हैं। एक तरफ सरकार इन्हें कर्ज दे रही है, दूसरी तरफ निगम जगह छीन रहा है।
नगर निगम आयुक्त संस्कृति जैन बताती हैं कि सभी वेंडर्स को चरणबद्ध तरीके से हॉकर्स कॉर्नर में शिफ़्ट करने की योजना है। इससे सड़कों पर यातायात सुगम हो सकेगा और शहर व्यवस्थित दिखेगा।