
भोपाल/ मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग आगामी साल की शुरुआत यानी जनवरी 2020 से स्कूली छात्रों और शिक्षकों के लिए नए नियम लागू करने जा रही है। नियम के तहत प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में शिक्षक और छात्रों को उपस्थिति दर्ज कराने के लिए स्कूल रजिस्टर के साथ साथ 'एम शिक्षा मित्र' ऐप के जरिए ई-अटेंडेंस लगाना होगी। इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से प्रदेश के सभी स्कूलों में लागू किया जाएगा।
शासन की हरी झंडी का इंतजार
विभाग ने इस एप को प्रदेश के सभी स्कूों में लागू करने की तैयारी कर ली है। हालांकि, बस अब शासन के आदेश का इंतजार है। विभाग ने बच्चों की उपस्थिति को ऐप के माध्यम से करने के लिए सॉफ्टवेयर को अपडेट कर लिया है। अब बच्चों की उपस्थिति शिक्षकों को हर रोज ई-अटेंडेंस के माध्यम से अपडेट करनी होगी। साथ ही, शिक्षकों को अपनी उपस्थिति भी ऐप के माध्यम से ही दर्ज करानी होगी। सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि, शासन की ओर से अप्रूवल मिलते ही इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा। दिसंबर अंत तक तो किसी भी हाल में इसका अप्रूवल हो ही जाएगा।
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व्यवस्था का उद्देश्य
आपको बता दें कि, विभाग द्वारा इस व्यवस्था को लागू करने का उद्देश्य शिक्षकों और छात्रों की अटेंडेंस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिये किया जा रहा है। क्योंकि, विभाग द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि, प्रदेश के औसतन 55 फीसदी शिक्षक नियमित रूप से स्कूल नहीं जा रहे हैं। वहीं, छात्रों की उपस्थिति भी माह के अनुसार 40 फीसदी ही पाई गई है। यही कारण है कि, विभाग ने इसे तय मापदंडों के अनुसार सभी की उपस्थिति दर्ज कराने के लिए ई-अटेंडेंस व्यवस्था शुरु करने की तैयारी की है। एप की मदद से दर्ज की गई अटेंडेंस तुरंत ही अपडेट हो जाएगी, जिसे विभाग द्वारा किसी भी समय चेक किया जा सकेगा।
अपडेट होकर लॉन्च होगा ऐप
विभाग ने दो साल पहले एप बनवाया था, लेकिन शिक्षकों ने इसका विरोध किया और अलग-अलग बहाना बनाकर ऐप को डाउनलोड तक नहीं किया। वहीं, जब शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश एप के माध्यम से भेजे जाने लगे तो यूजर्स की संख्या भी बढ़ गई। ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू हुई तो 2 लाख 70 हजार शिक्षक इस ऐप का उपयोग करने लगे और ट्रांसफर प्रक्रिया खत्म होने के बाद सिर्फ डेढ़ लाख यूजर्स बचे। हालांकि, यहीं कारण है कि, इस बार नई व्यवस्थाओं के साथ इस ऐप को री-लॉन्च किया जा रहा है।
शिक्षक ही दर्ज कराएंगे छात्रों की उपस्थिति
पहले की तरह इस बार ऐप में भी हर शिक्षक के पास लॉग इन व पासवर्ड होगा, ये पुराना लॉग इन-पॉसवर्ड भी हो सकता है। वे स्कूल पहुंचकर अपनी उपस्थिति ई-अटेंडेंस में लगाएंगे। साथ ही, कक्षा में उपस्थित बच्चों की संख्या भी प्रतिदिन के हिसाब से दर्ज करेंगे। विभाग के अनुसार इससे दो लाभ होंगे। एक तो, शिक्षक खुद समय पर आने का निरंतर प्रयास करेंगे, वहीं छात्रों में भी इस ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था और शिक्षक की नाराजगी की चिंता रहेगी।
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इन जिलों के शिक्षक एप डाउनलोड करने में आगे
प्रदेश के सिहोर, कटनी, होशंगाबाद, बैतूल, हरदा व मुरैना जिले के 99 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों ने एप डाउनलोड किया और ई-अटेंडेंस भी लगा रहे हैं। वहीं भोपाल जिले 6051 शिक्षकों में से 4988 शिक्षकों ने ऐप डाउनलोड किया, लेकिन इनमें से 5 फीसदी से भी कम शिक्षकों ने ई-अटेंडेंस लगाया है।
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ऐप में कई सुविधाएं
एम शिक्षा मित्र ऐप के जरिए शिक्षकों की उपस्थिति, बच्चों की उपस्थिति, स्कूलों की जानकारी, सुविधाएं, राज्य, मंत्रालय और जिला शिक्षा विभाग से जारी निर्देश और सर्कुलर सभी की जानकारी तत्काल शिक्षकों को मिलती है। साथ ही पे स्लिप भी उपलब्ध होती है।
प्रदेश में शिक्षकों की संख्या- 3,44,286
ऐप डाउनलोड किया - 2,83,539
ऐप को यूज करने वालों की संख्या- 1,50,000