Voters- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि लाखों नए मतदाताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
Voters- राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि देश की प्रगति को दिशा देने के लिए लोकतंत्र का मजबूत होना जरूरी है। लोकतंत्र की मजबूती का आधार ईमानदार, नीति और कर्तव्यपरक मतदाता ही है। इसके लिए जरूरी है कि कोई भी पात्र मतदाता मताधिकार से वंचित नहीं रहे। राज्यपाल रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में 16वें मतदाता दिवस पर राज्य और जिलास्तरीय संयुक्त समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम शामिल कराना और मतदान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय सहभागिता के लिए नागरिकों को प्रेरित करना सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि लाखों नए मतदाताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं।
मतदाता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आयोग के स्वीप आईकन अभिनेता गोविंद नामदेव, राजीव वर्मा, संजना सिंह और देशना जैन मंचासीन थे। यहां राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने उपस्थित जनों को मतदाता शपथ दिलाई। कार्यक्रम में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान 2026 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी, मास्टर ट्रेनर्स, बूथ लेवल ऑफिसर्स एवं स्वयं सेवकों को सम्मानित किया। प्रदेश के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले 10 युवाओं को इपिक कार्ड प्रदान किए।
राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि गणतंत्र की वास्तविक शक्ति मतदाताओं में निहित है। नागरिक राज्य से पहले आते हैं। उन्होंने बताया कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान भारत के लोकतंत्र की नैतिक आधारशिला को मजबूत करने की महत्वपूर्ण पहल है। विश्व के अन्य देशों में इस स्तर का व्यापक भौतिक सत्यापन नहीं होता, यही कारण है कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) ने इस नवाचार की सराहना की है। पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त ओपी रावत ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग ने प्रारंभ से ही निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव के उच्च मानदंड स्थापित किए।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव झा ने बताया कि 16वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस पर राज्य और जिलास्तर पर कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। मतदान केंद्रों और शैक्षणिक संस्थानों में मतदाता शपथ दिलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि शुद्ध मतदाता सूची चुनाव की सफलता का आधार है। विशेष गहन पुनरीक्षण में 5.74 करोड़ गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। डिजिटल मैपिंग में अन्य राज्यों के अनुभव भी शामिल किए गए हैं। प्रारूप प्रकाशन के बाद अब तक 8 लाख से अधिक नए मतदाताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं।