
MP Cabinet: मध्य प्रदेश कैबिनेट में किसान वर्ष 2026 के रूप में मनाए जाने को लेकर शुरू की गई शून्य ब्याज पर लोन योजना को लेकर अहम निर्णय लिया गया। वहीं 5635 करोड़ की राशि प्रदेश में संचालित की जा रहीं विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए स्वीकृत की गईं।
कैबिनेट में अहम फैसला लेते हुए किसानों को राहत दी गई है। इसके तहत मध्य प्रदेश के किसानों को अब हर साल 31 मार्च तक सहकारी बैंकों का ऋण चुकाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड पर जीरो फीसदी ब्याज दर पर किसानों द्वारा लिया जाने वाला लोन अब साल में एक बार चुकाने का निर्णय लिया गया है। अब किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, उसके एक साल बाद बिना ब्याज के कर्जा चुका सकेंगे।
कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि 'राज्य सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से जीरो फीसदी ब्याज दर पर किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए का लोन देती है। यह कर्ज रबी और खरीफ फसल के लिए अलग-अलग दिया जाता है। यह कर्ज किसानों को 31 मार्च तक चुकाना होता है, लेकिन अब किसानों को एक बार कर्ज लेकर उसे पूरे एक साल बाद ही चुकाना होगा। यानी किसान ने यदि 1 जून को बैंक से लोन लिया है तो यह कर्ज किसान को अब 1 जून से पहले चुकाना होगा।
-23 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस है। इसके तहत 15 दिन तक सामाजिक कार्यक्रमों को संचालित किया जाएगा। इस पखवाड़े को मुखर्जी को समर्पित किया जाएगा।
-15-29 जुलाई तक गुरुपूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि गुरु शिष्य परम्परा और संस्कृति को सम्मान कैसे दिया जाए। इसके लिए प्रतियोगिताएं आदि आयोजित की जाएं।
इन दोनों ही कार्यक्रमों के संदर्भ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें साफ तौर पर हर कार्यक्रम में शामिल होने को कहा गया है।
एमपी कैबिनेट में समान नागरिक संहिता पर 9 लाख से ज्यादा सुझाव लिपिबद्ध हो चुके हैं। 90 फीसदी सुझावों में समान नागरिक संहिता के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है। अल्पसंख्यक समाज की कई महिलाओं और पुरुषों ने समर्थन दिया है। बाकी सारी मुद्दे 22 जून तक संकलित करने के बाद उनमें से जो भी सुझाव समावेश करने योग्य होंगे उन्हें 30 जून तक शामिल किया जा सकेगा। 5 जुलाई तक इसका प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।
यह एक बड़ा महत्वपूर्ण अभियान था, इसके लिए हर जिले से हर नागरिक से सुझाव मांगे गए। साढ़े तीन करोड़ के एसएमएस हमारे पास आए हैं। ये विभिन्न वर्गों से भेजे गए। इनमें UCC पर सुझाव थे जिनकी संख्या 9-10 लाख थी। एक अभियान के रूप में पूर्ण करते हुए, जनभावनाओं को इस बिल को इस विधानसभा के मानसून सत्र में लाने का प्रयास करेंगे।
-मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 4 दिवसीय दौरे के दौरान किए गए कार्यों और उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को गति दी गई है। कूनो में चीतों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर हर मुद्दे को गहराई से जाना। इस पूरे बाँधवगढ़ को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन के रूप में पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान पर विशेष बल दिया। इसमें गांव-गांव जाकर जो काम किया, उसका प्रजेंटेशन किया गया। जल संरचनाओं के विकास जो किए गए हैं उन पर चर्चा की जाए। जो कार्य बाकी रह गए उन्हें 30 जून तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश इस मामले में देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। डिंडौरी, खंडवा और शहडोल देश के टॉप 10 शहरों में शामिल किए गए हैं।
-किसान सम्मान निधि को लेकर सीएम मोहन यादव ने कोलकाता से सिंगल क्लिक में प्रदेश के 1 लाख 81 हजार किसानों को 240 करोड़ की निधि भेजी गई।