भोपाल

एमपी कैबिनेट में किसान ऋण को लेकर बड़ा फैसला, 5365 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी

MP Cabinet Big Decision: मध्यप्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में अहम फैसले लिए, 5365 करोड़ की योजनाओं को मंजूरी, किसान ऋण से लेकर स्कूल शिक्षा को लेकर जानें क्या क्या फैसले लिए गए
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Jun 23, 2026
MP Cabinet Big Decision
MP Cabinet Big Decision: एमपी कैबिनेट में किसानो के साथ ही स्कूल शिक्षा पर भी बड़ा फैसला। (फोटो सोर्स: डॉ. मोहन यादव एक्स हैंडल)

MP Cabinet: मध्य प्रदेश कैबिनेट में किसान वर्ष 2026 के रूप में मनाए जाने को लेकर शुरू की गई शून्य ब्याज पर लोन योजना को लेकर अहम निर्णय लिया गया। वहीं 5635 करोड़ की राशि प्रदेश में संचालित की जा रहीं विभिन्न योजनाओं की निरंतरता के लिए स्वीकृत की गईं।

कैबिनेट में किसानों को राहत

कैबिनेट में अहम फैसला लेते हुए किसानों को राहत दी गई है। इसके तहत मध्य प्रदेश के किसानों को अब हर साल 31 मार्च तक सहकारी बैंकों का ऋण चुकाने के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड पर जीरो फीसदी ब्याज दर पर किसानों द्वारा लिया जाने वाला लोन अब साल में एक बार चुकाने का निर्णय लिया गया है। अब किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, उसके एक साल बाद बिना ब्याज के कर्जा चुका सकेंगे।

सरकार पर 880 करोड़ का भार आएगा

कैबिनेट में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि 'राज्य सरकार सहकारी बैंकों के माध्यम से जीरो फीसदी ब्याज दर पर किसानों को 25 हजार करोड़ रुपए का लोन देती है। यह कर्ज रबी और खरीफ फसल के लिए अलग-अलग दिया जाता है। यह कर्ज किसानों को 31 मार्च तक चुकाना होता है, लेकिन अब किसानों को एक बार कर्ज लेकर उसे पूरे एक साल बाद ही चुकाना होगा। यानी किसान ने यदि 1 जून को बैंक से लोन लिया है तो यह कर्ज किसान को अब 1 जून से पहले चुकाना होगा।

शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति

कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी है। स्वीकृति के मुताबिक शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है।

कैबिनेट में बताया गया कि जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एल एल बी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के 'लीगल एजुकेशन रूल्स' के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति

कैबिनेट ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।

SGST की राशि अंश पूंजी के रूप में देगी सरकार

कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।

सरकारी स्कूलों में हाई स्कूल और हाई स्कूल का हायर सैकंडरी में उन्नयन

कैबिनेट में विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकंडरी स्कूल के रूप में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाई स्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपए के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मेपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकंडरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है।

सांदीपनि स्कूलों में नहीं होगा उन्नयन

सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जाएगी।

राज्य में स्कूलों का GIR 100 प्रतिशत कराने का लक्ष्य

राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकंडरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते, ऐसी स्थिति में ड्रॉप आउट दर बढ़ती है। इसलिए विद्यार्थियों की पहुंच में विद्यालय उपलब्ध करवाकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

संक्षेप में जाने 5365 करोड़ की वो योजनाएं जिनकी निरंतरता की मिली स्वीकृति

  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के लिए जो 1740 करोड़ रुपए की है। इसे 5 साल तक निरंतर रखने के लिए राशि मंजूर की गई है।
  • खाद्य एवं आपूर्ति की परिवहन व्यय की 335 करोड़ की योजना को भी स्वीकृति दी गई है।
  • स्कूल शिक्षा विभाग में अगले 3 वर्षों में सर्वे किया गया है और मैपिंग की गई है, 100 फीसदी प्रवेश के लिए योजना हम मध्य प्रदेश में लाते हैं तो कितने स्कूल चाहिए। इसके आंकलन के मुताबिक 315 स्कूलों को हाई स्कूल में उन्नत करना। 214 हायर सैकंडरी के नये स्कूलों को उन्नत करने का प्रावधान किया गया है। इसके लिए 635 करोड़ की राशि स्वीकृत किया गया है।
  • इस वर्ष को प्रदेश सरकार किसान वर्ष के रूप में मना रहे हैं। इसके तहत किसानों को महत्वपूर्ण सौगात दी गई थी। इस योजना के तहत किसानों को शून्य ब्याज पर 25 हजार करोड़ तक बांटा जाता है। अभी उसमें शर्त रहती है कि रबी और खरीफ की फसल के ऋण को अलग-अलग और 66 महीने में चुकाया जाता है, लेकिन अब इस ऋण को वे साल में एक बार चुका सकेंगे।
  • लॉ कॉलेज में वर्तमान में कई पद स्वीकृत किए गए हैं। शुजालपुर जैसे छोटे स्थानों पर भी विधि संकाय के लिए लॉ कॉलेज संचालित किया जाएगा।

सीएम ने मंत्रियो को दिए निर्देश

-23 जुलाई को श्यामा प्रसाद मुखर्जी बलिदान दिवस है। इसके तहत 15 दिन तक सामाजिक कार्यक्रमों को संचालित किया जाएगा। इस पखवाड़े को मुखर्जी को समर्पित किया जाएगा।

-15-29 जुलाई तक गुरुपूर्णिमा पखवाड़ा मनाया जाएगा। सभी स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि गुरु शिष्य परम्परा और संस्कृति को सम्मान कैसे दिया जाए। इसके लिए प्रतियोगिताएं आदि आयोजित की जाएं।

इन दोनों ही कार्यक्रमों के संदर्भ में सीएम डॉ. मोहन यादव ने सभी मंत्रियों को दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्हें साफ तौर पर हर कार्यक्रम में शामिल होने को कहा गया है।

UCC पर भी चर्चा, 5 जुलाई तक बन जाएगा अंतिम प्रारूप

एमपी कैबिनेट में समान नागरिक संहिता पर 9 लाख से ज्यादा सुझाव लिपिबद्ध हो चुके हैं। 90 फीसदी सुझावों में समान नागरिक संहिता के प्रति समर्थन व्यक्त किया गया है। अल्पसंख्यक समाज की कई महिलाओं और पुरुषों ने समर्थन दिया है। बाकी सारी मुद्दे 22 जून तक संकलित करने के बाद उनमें से जो भी सुझाव समावेश करने योग्य होंगे उन्हें 30 जून तक शामिल किया जा सकेगा। 5 जुलाई तक इसका प्रारूप तैयार कर लिया जाएगा।

यह एक बड़ा महत्वपूर्ण अभियान था, इसके लिए हर जिले से हर नागरिक से सुझाव मांगे गए। साढ़े तीन करोड़ के एसएमएस हमारे पास आए हैं। ये विभिन्न वर्गों से भेजे गए। इनमें UCC पर सुझाव थे जिनकी संख्या 9-10 लाख थी। एक अभियान के रूप में पूर्ण करते हुए, जनभावनाओं को इस बिल को इस विधानसभा के मानसून सत्र में लाने का प्रयास करेंगे।

बैठक से पहले इन कार्यक्रमों पर भी की गई बात

-मध्य प्रदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 4 दिवसीय दौरे के दौरान किए गए कार्यों और उनके द्वारा दिए गए मार्गदर्शन को गति दी गई है। कूनो में चीतों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर हर मुद्दे को गहराई से जाना। इस पूरे बाँधवगढ़ को इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में सर्वश्रेष्ठ प्रबंधन के रूप में पुरस्कार दिया गया। इसके साथ ही जल गंगा संवर्धन अभियान पर विशेष बल दिया। इसमें गांव-गांव जाकर जो काम किया, उसका प्रजेंटेशन किया गया। जल संरचनाओं के विकास जो किए गए हैं उन पर चर्चा की जाए। जो कार्य बाकी रह गए उन्हें 30 जून तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक मध्य प्रदेश इस मामले में देशभर में तीसरे स्थान पर रहा। डिंडौरी, खंडवा और शहडोल देश के टॉप 10 शहरों में शामिल किए गए हैं।

-पीएम किसान सम्मान निधि को लेकर भी बताया गया कि इस बार कोलकाता से सिंगल क्लिक में प्रदेश के 1 लाख 81 हजार किसानों को 240 करोड़ की निधि भेजी गई।

Updated on:
23 Jun 2026 04:38 pm
Published on:
23 Jun 2026 03:00 pm