भोपाल

एमपी में पूर्ण चंद्रग्रहण का साया, भोपाल में ग्रहण नहीं, जानें आपके शहर में कब दिखेगा?

मध्य प्रदेश के सभी जिलों में आज चंद्रग्रहण का अलग-अलग समय रहेगा, शुरुआत शाम 6 बजकर 03 मिनट से, जानिए आपके शहर में कब लगेगा चंद्रग्रहण और कब होगा समाप्त...

4 min read
Mar 03, 2026
MP Chandra Grahan today on holi time list(photo:patrika)

MP Chandra Grahan Time MP: आज 3 मार्च मंगलवार को पूर्णिमा और होली पर्व के अवसर पर ही चंद्रग्रहण की खगोलीय घटित होने जा रही है। आज होने वाला चंद्रग्रहण पूर्ण चंद्रग्रहण है, जो पृथ्वी पर होने वाली दुर्लभ खगोलीय घटना माना जाता है। इस बार भारत में यह पूर्ण चंद्रग्रहण ग्रस्तोदय के रूप में नजर आएगा। यानी चंद्रोदय के समय ही चंद्रमा पर ग्रहण लगा रहेगा। हालांकि भारत में यह चंद्रग्रहण आंशिक होगा कुछ मिनटों के लिए देखा जा सकेगा।

ये भी पढ़ें

आबकारी आरक्षक भर्ती में बड़ा खेल, 12 अभ्यर्थियों पर FIR दर्ज

शाम 6.03 मिनट से दिखेगा होली पर लगने वाला चंद्रग्रहण 2026

चंद्रग्रहण की इस खगोलीय घटना को लेकर विज्ञान प्रसारक सारिका घारू का कहना है कि चंद्रमा पृथ्वी की पूर्ण छाया से होकर गुजरेगा। ये खगोलीय घटना एमबी के कई जिलों में अलग-अलग समय पर दिखाई देगी। शाम 6.03 बजे से शुरू होकर 6.37 बजे तक ये एमपी के जिलों में नजर आएगा। वहीं सभी जिलों में नजर आने वाला अंतिम और आंशिक चंद्रग्रहण 6 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। यहां जानें आपके शहर में कितने बजे दिखेगा चंद्र ग्रहण...

वायुमंडल में बिखरेगी नीली रोशनी और चांद होगा लाल

सारिका घारू ने बताया कि इस दौरान पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की नीली रोशनी को बिखेर देता है और केवल लाल प्रकाश चंद्रमा तक पहुंचता है। यही कारण है कि चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा तांबे या गहरे लाल रंग का दिखाई देता है। इसे ही 'ब्लड मून' भी कहा जाता है।

सूतक शुरू, क्या है ये काल

वहीं भारतीय परम्परा में इसे आध्यात्मिक दृष्टि से भी देखा जाता है। चंद्रग्रहण या सूर्यग्रहण से पहले की प्रक्रिया सूतक कहलाती है। सूतक वह अवधि है जब ग्रहण लगने से पहले से लेकर उसके समाप्त होने तक का समय अशुभ या संयम का काल माना जाता है। सूतक लगते ही मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। पूजा-अर्चना या कोई भी धार्मिक-मांगलिक कार्य नहीं किया जाता। यह समय मंत्र जाप का होता है। वहीं विज्ञान में होने वाली ये केवल एक खगोलीय घटना घटना है। इसकी खगोलीय गणना के मुताबिक आंशिक ग्रहण दोपहर 3 बजकर 20 मिनट 07 सेकंड से शुरू होगा। पूर्णग्रहण 4 बजकर 34 मिनट 34 सेकंड पर शुरू होकर 5 बजकर 32 मिनट 49 सेकंड पर खत्म हो जाएगा। आंशिक ग्रहण की समाप्ति शाम 6 बजकर 47 मिनट 15 सेकंड पर होगी।

क्योंकि भारत में चंद्रोदय शाम को होगा, इसलिए यहां चंद्रग्रहण का केवल अंतिम और आंशिक चरण ही दिखाई देगा। जिन जिलों में चंद्रोदय पहले होगा, वहां ग्रहण अधिक देर तक दिखेगा, जबकि पश्चिमी जिलों में ये समायावधि कम रहेगी।

58 मिनट का है पूर्णग्रहण, भारत में दिखेगा अंतिम चरण

खगोलीय गणना के मुताबिक ये पूर्ण चंद्रग्रहण 58 मिनट का रहेगा, लेकिन भारत में चंद्रोदय के समय तक इसका ज्यादातर हिस्सा बीत चुका होगा। वहीं मध्य प्रदेश में पूर्वी जिलों में ग्रहण लगभग 40 से 45 मिनट तक दिखाई दे सकता है, जबकि पश्चिमी जिलों में यह अवधि घटकर और भी कम करीब 8-10 मिनट की रह जाएगी। सारिका घारू के अनुसार, चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। इसके लिए किसी खास चश्मे की जरूरत नहीं होती।

मध्य प्रदेश में चंद्रग्रहण का समय (जिला अनुसार टाइम लिस्ट)

शाजापुर - शाम 6:03 बजे
नरसिंहपुर - शाम 6:04 बजे
मुरैना - शाम 6:06 बजे
ग्वालियर - शाम 6:07 बजे
रीवा - शाम 6:07 बजे
विदिशा - शाम 6:09 बजे
सतना - शाम 6:09 बजे
कटनी - शाम 6:11 बजे
पन्ना - शाम 6:11 बजे
मंडला - शाम 6:12 बजे
जबलपुर - शाम 6:12 बजे
दमोह - शाम 6:13 बजे
खरगोन - शाम 6:13 बजे
उमरिया - शाम 6:14 बजे
छिंदवाड़ा- शाम 6:14 बजे
छतरपुर - शाम 6:14 बजे
डिंडोरी - शाम 6:15 बजे
नर्मदापुरम - शाम 6:16 बजे
टीकमगढ़ - शाम 6:18 बजे
दतिया - शाम 6:18 बजे
सागर - शाम 6:18 बजे
आलीराजपुर - शाम 6:19 बजे
भोपाल - शाम 6:20 बजे
शिवपुरी - शाम 6:21 बजे
राजगढ़ - शाम 6:22 बजे
सीहोर - शाम 6:22 बजे
अशोकनगर - शाम 6:22 बजे
इंदौर - शाम 6:23 बजे
उज्जैन - शाम 6:23 बजे
बैतूल - शाम 6:24 बजे
हरदा - शाम 6:25 बजे
सीधी -शाम 6:25 बजे
श्योपुर - शाम 6:28 बजे
आगर मालवा - शाम 6:28 बजे
खंडवा - शाम 6:29 बजे
बुरहानपुर - शाम 6:29 बजे
उमरिया - शाम 6:30 बजे
देवास - शाम 6:30 बजे
रतलाम - शाम 6:33 बजे
मंदसौर - शाम 6:33 बजे
राजगढ़ - शाम 6:34 बजे
बड़वानी - शाम 6:35 बजे
नीमच - शाम 6:35 बजे
झाबुआ - शाम 6:36 बजे
अनूपपुर - शाम 6:37 बजे

इन सभी शहरों में आंशिक ग्रहण शाम 6:47 बजे समाप्त होगा।

पढ़ें चंद्रग्रहण के रोचक फैक्ट (Chandra Grahan Interesting Facts)

पूर्णिमा पर ही क्यों होता है चंद्रग्रहण! (Chandra Grahan On Purnima)

चंद्रग्रहण तभी संभव है, जब सूर्य-पृथ्वी-चंद्रमा एक सीध में हो और पृथ्वी बीच में हो, लेकिन हर पूर्णिमा पर ग्रहण नहीं होता, क्योंकि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की कक्षा से करीब 5 डिग्री तक झुकी हुई है। जब ये झुकाव वाले बिंदु या नोड्स पर आता है, तभी ग्रहण लगता है।

NASA ने अपोलो मिशन के दौरान ग्रहण का किया था उपयोग

NASA के वैज्ञानिकों ने चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा की सतह के तापमान में बदलाव का अध्ययन किया था। जब पृथ्वी की छाया पड़ी तो चंद्रमा की सतह का तापमान 100 डिग्री सेंटीग्रेट से भी ज्यादा गिर गया था।

महाभारत काल से जुड़ा ग्रहण का उल्लेख

महाभारत में युद्ध से पहले सूर्य और चंद्रग्रहण का जिक्र मिलता है। कुछ खगोल वैज्ञानिकों ने इन उल्लेखों के आधार पर संभावित ऐतिहासिक तिथियों की गणना भी की है।

ग्रहण की भविष्यवाणी हजारों साल पहले

प्राचीन बेबीलोन सभ्यता ने 'सारोस चक्र' खोजा था। हर 18 साल 11 दिन बाद लगभग वैसा ही ग्रहण दोहराया जाता है। वैज्ञानिक आज बी इसी चक्र का यूज करते हैं।

सूर्यग्रहण के विपरीत, चंद्रग्रहण को देखने के लिए किसी चश्मे की जरूरत नहीं होती। इसे आंखों से देखना भी सुरक्षित है।

चंद्रमा पर 'थर्मल शॉक'

जब चंद्रमा पर अचानक पृथ्वी की छाया पड़ती है, तो चंद्रमा पर तापमान में तेजी से गिरावट आती है। यह 100 डिग्री सेंटीग्रेट से भी कम हो जाता है। यह वैज्ञानिकों के लिए चंद्रमा की मिट्टी (रेगोलिथ) की संरचना समझने का मौका देता है।

हर साल होते हैं कम से कम दो ग्रहण

एक साल में कम से कम 2 चंद्र ग्रहण होते हैं और अधिकतम 5 चंद्रग्रहण हो सकते हैं। लेकिन पूर्ण चंद्रग्रहण दुर्लभ खगोलीय घटना है।

ये भी पढ़ें

‘3200 करोड़ी ठग’ लविश चौधरी को भारत लाने की तैयारी तेज, STF ने अरबी में लिखा चिट्ठा

Published on:
03 Mar 2026 01:13 pm
Also Read
View All

अगली खबर