
MP Congress Attack on MP BJP: राजधानी में तेज बारिश के चलते सड़क धंसने पर कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा, यह केवल सड़क नहीं, बल्कि प्रदेश की शासन व्यवस्था, निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही की असफलता का गड्ढा है। सड़क का धंसना यह साबित करता है कि नगर निगम और लोक निर्माण विभाग ने जानबूझकर घटिया सामग्री का प्रयोग किया। पटवारी ने कहा, यह समस्या केवल भोपाल की नहीं है। पूरे प्रदेश की सड़कें, पुल, और गलियां जोखिमों से भरी हुई हैं।
एमपी कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री के नाम की एक पोस्ट X पर शेयर की है। इसमें उन्होंने लिखा है कि, 'भोपाल में आपकी #PWD ने फिर 'गौरवपथ' से रूबरू करवा दिया है। यह गड्ढा भी 08 फीट का है! उन्होंने प्रदेश की बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा है कि, 'प्रगति की इस गति से देश स्तब्ध है।'
राजधानी में बारिश ने पीडब्ल्यूडी की गुणवत्ता की पोल खोल दी। गुरुवार को एमपी नगर की व्यस्त सड़कों में एक बोर्ड ऑफिस से ज्योति टॉकिज चौराहे के बीच मेन रोड पर ही अचानक सड़क भरभरा गई। बीच सड़क पर करीब 8 फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा गड्ढा हो गया। राहत यह रही कि जब यह गड्ढा हुआ, तब वहां से कोई भी नहीं गुजर रहा था। अन्यथा बड़ा हादसा होता। हालांकि पीडब्ल्यूडी की गुणवत्ताहीन सड़क पर इस गड्ढे के बाद कांग्रेस नेता मनोज शुक्ला ने प्रदर्शन भी किया। हालांकि अफसरों ने तत्काल की इस गड्ढे को भरने का काम शुरू कर दिया।
सड़क टूटने की खबर पर कांग्रेसी पहुंचे। मनोज शुक्ला टूटी सड़क के गड्ढे में उतर गए और भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। इस बीच कुछ लोगों ने फूल माला चढ़ाई।
सड़क और गड्ढों को लेकर विस नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह में भी सोशल वार छिड़ गई। देर रात दोनों एक दूसरे पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए ट्वीट-रिट्वीट किए।
दोपहर के अचानक धंसी सड़क की सूचना फैली तो तुरंत एसडीएम एलके खरे और पीडब्ल्यूडी डिविजन दो के कार्यपालन यंत्री एचएस जायसवाल मौके पर पहुंचे। गड्ढे के आसपास बैरिकेडिंग की। सीमेंट कॉन्क्रीट स्लैब से डक्ट को भरने का काम शुरू किया। रात में गड्ढा भर दिया गया।
निगम ने बारिश में जलभराव रोकने के लिए एमपी नगर मल्टीलेवल के पास से नाले से इसे सीसी डक्ट बनाकर जोड़ा था। लेकिन पुरानी नालियों को इससे नहीं जोड़ा गया। इसलिए सड़क धंस गई।
एसडीएम खरे ने बताया, ज्योति टॉकिज की फुटपाथ काफी पुराना है। नाला पुराने पत्थरों से बना है। सड़क का पानी नीचे नाले से निकालने के लिए सुराख किया है। पानी रिसने से नाले पास की मिट्टी ने जगह छोड़ दी, इसलिए धंसी।