
Mp congress: कांग्रेस में अंत:कलह थमने का नाम नहीं ले रही है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के बयान को गलत बताकर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने इस विवाद को हवा दी, जो अब पार्टी में विकराल रूप ले रही है। इसका असर मंगलवार को कांग्रेस की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (पीएसी) की वर्चुअल बुलाई गई बैठक में दिखा। भोपाल विधायक आरिफ मसूद और पूर्व विधायक प्रवीण पाठक का बैठक में ही गुस्सा फूट पड़ा। ये गुस्सा दिग्विजय के लिए था और उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को स्लीपर सेल तक कह डाला। लेकिन बैठक के बाद ही कांग्रेस में कलह की बात को नकारने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी और दिग्विजय सिंह साथ नजर आए।
बैठक में भोपाल से विधायक आरिफ मसूद और पूर्व विधायक प्रवीण पाठक का दिग्विजय पर गुस्सा फूट पड़ा। दरअसल कांग्रेस विधायक मसूद ने तो दिग्विजय को स्लीपर सेल करार दिया, जिन्होंने उज्जैन ट्रस्ट की 500 करोड़ के जमीन घोटाले पर जीतू के आरोपों में सरकार को क्लीनचिट दे दी। वहीं पूर्व विधायक पाठक ने कहा, पार्टी के पक्ष में जैसे ही माहौल बनता है, दिग्विजय सिंह उसे पंचर कर देते हैं। कहा, जब जीतू पटवारी इस मुद्दे पर बोल रहे थे, तो दिग्विजय सिंह को उज्जैन जाकर प्रेसवार्ता करने की क्या जरूरत थी। सवाल खड़े किए कि कांग्रेस के नेता बीजेपी की तरफ से क्रिकेट क्यों खेल रहे है? पीएसी की बैठक में गहमागहमी होता देख प्रभारी हरीश चौधरी ने बीच में हस्तक्षेप कर पार्टी के अन्य एजेंडों पर बातचीत की।
बता दें कि बैठक में कलह सामने आने के बाद कांग्रेस पीसी की ओर से ऑल इज वेल का संदेश देने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने संयुक्त प्रेसवार्ता की। दिग्विजय ने कहा, हममें कोई अनबन नहीं भ्रम फैलाया जा रहा है। जीतू मेरे बेटे समान है। दिग्विजय ने सफाई देते हुए कहा, मुझे 50 साल राजनीति करते हो गए है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष £या मैं किसी नेता के खिलाफ दलाल शब्द का इस्तेमाल नहीं कर सकता हूं। मध्यप्रदेश की कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई में पूरी तरीके से एकजुट हैं।
प्रदेश अध्यक्ष जीतू ने बताया कि पीएसी बैठक में तीन विषयों पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई। जिसमें पहले जेनजी को लेकर शुरू कांग्रेस के नॉन पॉलिटिकल अभियान, दूसरा किसानों की खाद- बीज की समस्या और तीसरा प्रदेश में मंत्रियों के भ्रष्टाचार का मामला। इसको लेकर कांग्रेस पार्टी के नेता संभाग और जिला स्तर पर प्रेसवार्ता करेंगे। इसके साथ ही कांग्रेस पार्टी एक पोर्टल लॉच कर रही है। जिसमें आम जनता द्वारा मंत्रियों की अवैध संपख्निायों की जानकारी दी जाएगी। जो जानकारी देगा उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।