
Bhopal Farmers Protest: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर दो दिन से डेरा डाले किसानों का आंदोलन बुधवार को तेज हो गया। भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास सावरकर सेतू पर जमे हजारों किसानों ने बुधवार को पुलिस की बेरिकेटिंग तोड़ दी और सड़क पर किसानों को रोकने के लिए खड़ी आड़ी बसों को भी पार कर गए। इस दौरान पुलिसकर्मियों और किसानों के बीच धक्कामुक्की भी हुई।
सावरकर सेतू पर पुलिस ने मंगलवार शाम को ही किसानों को बैरिकेट लगाकर रोक दिया था। यहीं पर किसानों ने रात काटी और बुधवार सुबह होते ही एक बार फिर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरु कर दिया। दोपहर होते-होते किसानों की संख्या बढ़ती गई और फिर किसानों ने पुलिस की तीन लेयर में की गई बैरिकेटिंग को तोड़ते हुए आगे कूच कर दिया। बता दें कि किसान मूंग की 100 फीसदी खरीदी की मांग कर रहे हैं। किसानों के इस प्रदर्शन में प्रदेश के कई जिलों के किसान शामिल हैं।
इधर, सीएम मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि किसानों से जुड़े विषयों पर संवाद और समाधान के लिए सरकार ने एक समिति का गठन किया है। यह समिति किसानों के बीच जाकर उनकी समस्याओं, सुझावों और अपेक्षाओं को सुन रही है। उन्होंने बताया कि बुधवार को कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना को किसानों से चर्चा के लिए भेजा गया था, वहीं आज कृषि मंत्री समेत, मंत्री कृष्णा गौर, विश्वास सारंग, राकेश सिंह तथा वरिष्ठ अधिकारियों का दल किसानों से संवाद करेगा।
मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार पूरे मध्यप्रदेश में 'कृषि कल्याण वर्ष' मना रही है और किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों के साथ सतत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान करना और कृषि को अधिक समृद्ध एवं लाभकारी बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के साथ खड़ी है और उनके सकारात्मक सुझावों का स्वागत करती है। सरकार किसानों की हर व्यावहारिक समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है तथा संवाद के माध्यम से हर विषय का सकारात्मक निराकरण करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं, लेकिन आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसकी चिंता करना भी सभी पक्षों की साझा जिम्मेदारी है। सरकार बातचीत और आपसी सहमति के माध्यम से हर समस्या का समाधान निकालने में विश्वास रखती है।