Women farmers- मध्यप्रदेश में खेती किसानी के काम में भी महिलाओं के प्रति राज्य सरकार अतिरिक्त मेहरबान दिख रही है।
Women farmers- मध्यप्रदेश में खेती किसानी के काम में भी महिलाओं के प्रति राज्य सरकार अतिरिक्त मेहरबान दिख रही है। राज्य में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी में भी यह रुख साफ नजर आया। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए खोले गए 3623 केंद्रों में से 293 केंद्र महिलाओं के जिम्मे किए गए। इन केंद्रों का संचालन महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा किया गया। इस बार एक लाख से ज्यादा महिला किसानों से गेहूं खरीदा गया। महिलाओं से 8.98 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई। इतना ही नहीं, गेहूं उपार्जन की राशि देने में भी सरकार बहनों के प्रति मेहरबान दिखी। खरीदे गए गेहूं की 2 हजार करोड़ से ज्यादा की राशि बोनस सहित सरकार ने महिला किसानों के खातों में डाली है।
एमपी में वर्ष 2025-26 में करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख 75 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा किया गया है। पिछले साल महज 48 लाख 38 हजार मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन ही हो सका था। रिकार्ड गेहूं उपार्जन के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का अभिनंदन करते हुए उन्हें प्रतिमा भेंट की।
गेहूं के उपार्जन में मध्यप्रदेश इस साल देश में दूसरे स्थान पर है। मंत्री गोविंदसिंह राजपूत ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रूपए के अतिरिक्त 175 रुपए प्रति क्विंटल बोनस की घोषणा के परिणामस्वरूप गेहूं का रिकार्ड उपार्जन हुआ। इस तरह मध्यप्रदेश में देश में सर्वाधिक 2600 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदा गया।
गेहूं उपार्जन की राशि देने में भी राज्य सरकार बहनों के प्रति मेहरबान दिखी। मंत्री गोविंदसिंह राजपूत के मुताबिक इस साल प्रदेश के 9 लाख किसानों में से 1 लाख 23 हजार महिला किसानों का 8 लाख 98 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा है। महिला किसानों के बैंक खातों में 2335 करोड़ रूपए का बोनस सहित भुगतान किया जा चुका है। किसानों के खातों में कुल 19 हजार 322 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है।