MP Government New Policy: मोहन सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस-2025) के पहले मध्यप्रदेश में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया है...
MP Government New Policy: मोहन सरकार ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआइएस-2025) के पहले मध्यप्रदेश में निवेश करने के इच्छुक निवेशकों के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। मंगलवार को कैबिनेट बैठक में उद्योग संवर्धन समेत पांच नीतियों में बदलाव और गैस वितरण और पंप स्टोरेज जैसी 2 नई नीतियों को मंजूरी दी है। अब प्रदेश में निवेश करने वालों को 200 करोड़ रुपए तक का प्रोत्साहन मिल सकेगा। अब तक यह राशि 100 और 150 करोड़ रुपए थी।
पहली बार फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआइ) के तहत 25 फीसद से अधिक विदेशी मुद्रा में निवेश करने वाली कंपनियों और निवेशकों को कुल 200 करोड़ के प्रोत्साहन के साथ-साथ 20 फीसद का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा। पहली बार माल निर्यात की मुश्किलें भी आसान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले हुए। इन सभी प्रयासों के बाद होने वाले निवेश से 20 लाख युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है।
उद्योग संवर्धन नीति में बदलाव किए हैं। इसकी 10 उपनीतियों को भी बदल दिया है। अब तक निवेशकों को किसी भी उद्योग लगाने के लिए न्यूनतम 10 और अधिकतम 25 तरह की अनुमति लेनी होती थी, जिसे सरकार ने अधिकतम 15 कर दिया है।
उद्योग संवर्धन नीति के तहत निवेशकों को अनुमति के लिए अफसर अटका नहीं सकेंगे। 10 दिन में सभी अनुमतियां देनी होंगी। सरकार ने सभी अनुमतियों के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था को प्रभावी बनाया था, अब आगे बढ़कर इन्हें लोक सेवा गारंटी अधिनियम से जोडऩे का निर्णय लिया।
निर्यात नीति: पहली बार बनी निर्यात नीति के तहत पोर्ट तक माल का परिवहन करने वाले उद्योगपतियों को आने वाले खर्च में सहयोग दिया जाएगा। वेयर हाउस की बजाए लॉजिस्टिक पार्क बनाए जाएंगे।
पंप स्टोरेज नीति: दिन में सोलर से बिजली पैदा करेंगे। इसकी मदद से डाउन स्ट्रीम का पानी स्टोर कर रात में बिजली की मांग बढ़ेंगी तब हाइड्रो ह्रश्वलांट से बिजली उत्पादन करेंगे। इच्छुक निवेशकों को स्थान चिह्नित करेंगे पर प्राथमिकता देंगे।
पाइप लाइन के लिए घरेलू गैस वितरण नीति : प्रत्येक शहरों को घरेलू गैस की पाइप लाइन बिछाने के लिए अतिरित जगह छोडऩी होंगी। इसी तरह कॉलोनियों और घरों के निर्माण में भी यह बात लागू होंगी।
अब तक सरकार ही इंडस्ट्रियल पार्क बनाती थी, अब निजी जमीन पर उद्योगपतियों के द्वारा भी पार्क विकसित किए जा सकेंगे। इसमें सरकार मदद करेगी।
कैबिनेट की बैठक में शिवपुरी में एक नए एयरपोर्ट की मंजूरी दी है। इस एयरपोर्ट की सुविधा के बाद पालपुर कूनो नेशनल पार्क में एशिया के चीतों के इकलौते घर तक पर्यटकों के पहुंचने की राह आसान हो जाएंगी। अब तक प्रदेश में आठ एयरपोर्ट हैं।
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