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मेट्रो की Blue Line में बनेंगे 15 स्टेशन, जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी

Metro project: ब्लू लाइन की लंबाई 12.91 किलोमीटर है। इसमें कुल 13 स्टेशन है। वर्ष 2026 के आखिर तक ट्रैक का ढांचा तैयार करने का लक्ष्य है।

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Metro project

Metro project प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- freepik)

Metro project: मेट्रो ट्रेन जनवरी में दूसरी पटरी पर भी दौड़ती नजर आएगी। अभी स्टेशन पर मेट्रो 75 मिनट के अंतर में मिल रही है। दूसरी पटरी भी शुरू होने से 40 मिनट के अंतराल में ट्रेन मिलने लगेगी। ट्रेन छूटने के बाद यात्रियों को सवा घंटे की बजाय पौन घंटे में ही दूसरी ट्रेन मिल जाएगी। मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने कमर्शियल रन शुरू करने के लिए एम्स से सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन तक एक लाइन पर विशेष फोकस कर इसके काम पूरे किए। जनवरी में इसे पूरा कर मेट्रो ट्रेन यात्रियों के साथ चलने योग्य बनाया जा रहा है।

पूरा किया जा रहा काम

दो नंबर प्लेटफार्म पर एंट्री-एग्जिट लेकर स्टेशनों पर दूसरे रास्तों का काम भी पूरा किया जा रहा है। दूसरा रास्ता बनने में अभी दो से तीन माह का समय लगेगा, लेकिन प्लेटफार्म लगभग तैयार है। ट्रेन के सुबह नौ बजे से शाम साढ़े सात बजे के बीच 17 फेरे लग रहे हैं। मेट्रो रेल एमडी चैतन्य कृष्णा ने बताया कि प्रायोरिटी कॉरिडोर के बचे हुए काम जल्द पूरा करने की कोशिश है। दैनिक समीक्षा व रिपोर्ट ली जा रही है।

जगह खाली करने के लिए नोटिस जारी

मेट्रो के भदभदा चौराहा से रत्नागिरी तिराहा तक ब्लू लाइन के निर्माण में आ रही सबसे बड़ी बाधा जल्द दूर होगी। पुल बोगदा की लाइन की आरा मशीनों को प्रशासन की ओर से दस नोटिस जारी किए गए हैं। चर्चा का दौर चल रहा है, लेकिन प्रशासन कानूनी प्रक्रिया भी पूरी कर रहा है। यहां ब्लू लाइन के साथ स्टेशन के लिए भी जगह बनाई जाएगी।

आरा मशीनों के व्यवस्थापन का काम नगर निगम, जिला प्रशासन की टीम मिलकर करेगी। यहां करीब 30 छोटी-बड़ी आरा मशीनों और लकड़ी के टालों को इस शिफ्टिंग प्रक्रिया के दायरे में लिया गया है। ब्लू लाइन की लंबाई 12.91 किलोमीटर है। इसमें कुल 13 स्टेशन है। वर्ष 2026 के आखिर तक ट्रैक का ढांचा तैयार करने का लक्ष्य है।

दिव्यांग यात्री भी कर पाएंगे सफर

मेट्रो ट्रेन के पहले और आखिरी कोच में दिव्यांगजन की व्हीलचेयर के लिए अलग से जगह है। व्हीलचेयर के स्थान के पास 'लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन' है, जिसे दबाकर दिव्यांगजन ट्रेन ऑपरेटर को अधिक देर तक दरवाजा खुला रखने के लिए सूचित कर सकते हैं, ताकि वे आराम से ट्रेन से उतर सकें।