
Promotion Reservation MP- मध्यप्रदेश के बहुचर्चित प्रमोशन में आरक्षण मामले में मंगलवार 7 जुलाई को जबलपुर हाईकोर्ट में वकीलों के बीच तीखी बहस के बाद हाईकोर्ट ने अब अंतिम फैसले की तैयारी कर ली है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रुसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगल पीठ ने कहा है कि काफी समय से लंबित इस मामले पर शीघ्र अंतिम निराकरण किया जाएगा। राज्य सरकार से मौखिक आश्वासन पर भी जवाब तलब किया गया, जिसमें नई प्रमोशन पालिसी लागू नहीं करने की बात कही गई थी। इस फैसले से मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों की निगाह लगी हुई है।
मध्यप्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों की नजरें 'प्रमोशन में आरक्षण' मामले पर टिकी हुई है। मंगलवार को दोनों पक्षों के वकीलों में तीखी तकरार हुई। कोर्ट रूम में राज्य सरकार से उस मौखिक आश्वासन पर भी जवाब तलब किया गया, जिसमें नई प्रमोशन पॉलिसी लागू नहीं करने की बात कही गई थी। सपाक्स ने कोर्ट से जल्द सुनवाई करने की मांग की, जिस पर हाईकोर्ट ने भी जल्द अंतिम सुनवाई की बात कही। अतिरिक्त महाधिवक्ता ने महाधिवक्ता की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए सुनवाई स्थगित करने का आग्रह किया। जिस पर कोर्ट ने अगली सुनवाई तय करने के संकेत दे दिए।
सुनवाई के वक्त कोर्ट में सामान्य, पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक वर्ग कर्मचारी संस्था (सपाक्स) की ओर से िस मामले को जल्द निराकरण करने की मांग की गई। सपाक्स ने आग्रह किया कि अंतिम फैसला आने तक राज्य सरकार को प्रमोशन के आदेश जारी करने से रोका जाए।
सपाक्स की तरफ सेविधानसभा सचिवालय में कुछ दिन पहले जारी 15 पदोन्नति आदेशों पर भी आपत्ति व्यक्त की गई। सपाक्स का कहना है कि जब मामला कोर्ट में है, तब तक किसी भी प्रकार के प्रमोशन की प्रक्रिया नहीं करना चाहिए।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया की अध्यक्षता वाली बैंच ने कहा कि काफी समय से लंबित इस मामले का जल्द निराकरण किया जाएगा और प्रमोशन में आक्षण से जुड़े मामले की अंतिम सुनवाई शीघ्र होगी।
पिछले साल 17 जून को हुई कैबिनेट बैठक में सीएम मोहन यादव ने कहा था कि प्रदेश के कर्मचारियों और अधिकारियों के 9 वर्ष से लंबित पदोन्नति के मामले का निराकरण किया। इसमें एससीएसटी सहित सभी वर्ग के कर्मचारियों-अधिकारियों के हितों का ध्यान रखा गया है। इसके माध्यम से पदोन्नति के बाद शासकीय सेवाओं में 2 लाख पद रिक्त होंगे और इन पर नए सिरे से भर्ती की संभावना बनेगी।