
Digvijaya Singh- उज्जैन के वीर भारत न्यास को एक रुपए में 500 करोड़ की जमीन देने के कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष के आरोप को गलत बताने पर एमपी के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह बुरी तरह घिर गए हैं। उनके खिलाफ कांग्रेस के कई नेताओं ने एकजुट होकर मोर्चा खोल दिया है। मध्यप्रदेश के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण यादव, प्रदेश महासचिव निधि सत्यव्रत चतुर्वेदी और मध्यप्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने इसे पार्टी के लिए खतरा बताते हुए हाईकमान से हस्तक्षेप की मांग की है। इन नेताओं ने दिग्विजय सिंह पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की भी मांग की। इससे पहले वरिष्ठ नेता प्रवीण पाठक और आरिफ मसूद भी दिग्विजय के बयान का विरोध कर चुके हैं। वरिष्ठ नेताओं के हमलावर रुख के साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। फिलहाल इस मसले पर दिग्विजय सिंह ने चुप्पी साध ली है। हालांकि उनके समर्थक नाराजगी जता रहे हैं।
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दिग्विजय सिंह के घर जाकर उनसे मुलाकात कर बंद कमरे में बातचीत की। बुधवार देर शाम हुई यह मुलाकात भी पार्टी के नेताओं में चर्चा का विषय बनी रही। इन सब गतिविधियों से पार्टी के अंदर गुटबाजी और विवाद खुलकर सामने आ गए हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री व पूर्व पीसीसी चीफ अरुण यादव ने राहुल गांधी को संबोधित करते हुए एक्स पर लिखा है कि भाजपा सरकार से पार्टी संगठन का वास्तविक निष्ठावान कार्यकर्ता वैचारिक और सतही तौर पर संघर्ष कर रहा है। उस दौर में कतिपय लोग एक मिलीजुली साजिश के तहत उन कार्यकर्ताओं का मनोबल तोडऩे की नाकाम कोशिश कर रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस के एक अन्य वरिष्ठ नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भी दिग्विजय सिंह पर निशाना साधा। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कांग्रेस को बाहर से कम, अंदर बैठे उन लोगों से ज्यादा खतरा है, जो पार्टी में रहकर उसके हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।
कांग्रेस की प्रदेश महासचिव निधि चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह का यह व्यवहार उनके 'पुत्र-मोह' का परिणाम है। अपने बेटे जयवर्धन सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की महत्वाकांक्षा में दिग्विजय सिंह पार्टी अनुशासन भूल चुके हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता द्वारा अपने ही प्रदेश अध्यक्ष को सार्वजनिक रूप से कमजोर करना विपक्ष को राजनीतिक फायदा पहुंचाने जैसा है। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से दिग्विजय सिंह के खिलाफ तत्काल कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
इससे पहले कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा बुलाई गई वर्चुअल मीटिंग में वरिष्ठ नेता प्रवीण पाठक व विधायक आरिफ मसूद ने दिग्विजय सिंह के बर्ताव पर सवाल उठाए थे। दोनों नेताओं ने एकस्वर से कहा कि उनके बयान से जमीनी स्तर पर काम कर रहे कार्यकर्ताओं को जवाब देना कठिन हो रहा है।