
Mohan Government taking loan again in this financial year 2025-26: मध्य प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी। गरीबी भी कम हुई, लेकिन सूबे पर कर्ज और देनदारियां बढ़ती ही जा रही हैं। इस बार बजट का आकार 3.65 लाख करोड़ से बढ़कर 4.21 लाख करोड़ तक जा पहुंचा, लेकिन कर्ज का मर्ज कम होने का नाम नहीं ले रहा। बजट के बराबर ही कर्ज हो गया है। चिंता यह है कि सरकार की कमाई जितना ही खर्च भी है। यानी, बचत शून्य। अब सरकार फिर से कर्ज लेने जा रही है।
चालू वित्तीय वर्ष में पहली बार 6 मई को दो किस्तों में 2500-2500 करोड़ (कुल पांच हजार करोड़ रुपए) कर्ज लेगी। एक कर्ज 12 साल के लिए तो दूसरा 14 साल के लिए लेने जा रही है। कर्ज के लिए जारी बांड्स में सरकार ने अपने खजाने की स्थिति बताई है। कर्ज और देनदारियों का उल्लेख करते हुए वित्तीय स्थिति मजबूत बताई है। सरकार ने इसके लिए वित्तीय संस्थाओं से ऑफर भी मंगवाए हैं।
सरकार को टैक्स समेत अन्य माध्यमों से इस वित्तीय वर्ष में कुल 3,75,340 करोड़ की कमाई और इतना ही खर्च का भी अनुमान है। यानी जितनी कमाई होगी, उतना खर्च भी होगा। ऐसे में विकास और कामकाज के लिए कर्ज ही सहारा है।
कुल बजट 4.21 लाख करोड़ रुपए
कर्ज का भुतगान 7%
ब्याज 7%
पेंशन 7%
इस बार सरकार सबसे ज्यादा 17% इन्फ्रास्ट्रक्चर पर करेगी खर्च
कृषि 9%
शिक्षा 11%
स्वास्थ्य क्षेत्र में 12%