MP news: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हेल्थ एक्सपर्ट्स ने चेताया, 10-12 घंटे बैठकर नौकरी उस पर दो गलत आदतें पड़ रहीं हड्डियों पर भारी, एक्सपर्ट्स की सलाह अभी छोड़ें ये बुरी आदतें और आज ही से शुरू कर दें ये तीन जरूरी काम...
MP News: अब हड्डियां केवल गिरने से नहीं, बल्कि सिगरेट के कश, शराब के जाम लगाने और खराब जीवनशैली से भी टूट रही हैं। असल में धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से हड्डियों के भीतर से कैल्शियम खत्म हो रहा है। नतीजतन चलने, झुकने या हल्की ठोकर से भी हड्डियां चटक जा रही हैं या टूट जा रही हैं। यह खतरा अब सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि युवाओं और वयस्कों में तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञ इसे हड्डियों का मौन संकट मान रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार उम्र, हार्मोनल बदलाव और आनुवंशिक कारणों के साथ जीवनशैली भी हड्डियों की सेहत पर सीधा असर डालती है। अधिक धूम्रपान करने और शराब पीने से हड्डियां कमजोर होती जाती हैं। नतीजा अब 18 से 45 वर्ष के लोगों में भी रीढ़, कूल्हे और कलाई की हड्डी टूटने के मामले सामने आ रहे हैं।
जहांगीराबाद निवासी 38 वर्षीय श्यामल लाल सोनी को कुर्सी से उठते समय अचानक पीठ में तेज दर्द हुआ। जांच में पीठ की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई। वे रोजाना 10- 12 घंटे बैठकर काम करते थे, नियमित सिगरेट पीते थे और व्यायाम से दूर थे। हमीदिया अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, निष्क्रिय जीवनशैली और धूम्रपान के कारण उनकी हड्डियां उम्र के हिसाब से काफी कमजोर हो गई हैं।
जवाहर चौक क्षेत्र के 42 वर्षीय युवराज शर्मा शराब के आदी थे। बाथरूम से निकलते समय हल्का फिसलने पर कूल्हे की हड्डी चटक गई। भोपालएम्स के चिकित्सकों ने बताया कि यह मामूली झटके से हड्डी टूटने का मामला है। शराब सेवन, कैल्शियम की कमी और धूप न लेने से उनकी हड्डियां कमजोर हो चुकी थीं।
जयप्रकाश अस्पताल के हड्डी विशेषज्ञ प्रेमनेंद्र शर्मा का कहना है कि एक बार हड्डी टूटने का मतलब है दूसरे फ्रैक्चर के मुहाने पर खड़ा होना है। इससे बचने के लिए तीन चीज आदत में शामिल करना अनिवार्य है। उनका कहना है कि आज से ही ये काम शुरू कर दें और शराब, सिगरेट को अभी छोड़ दें-
- कैल्शियम युक्त आहार: आहार में दूध, पनीर और हरी सब्जियों को शामिल करें।
- धूप का सेवन: नियमित रूप से धूप का सेवन करें। इससे विटामिन-डी की पूर्ति होगी।
-वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज: स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करें, ताकि हड्डियों की सेहत अच्छी हो सके।