MP News: भोपाल में एक बार फिर विकास बनाम पर्यावरण की जंग तेज हो गई है। अरेरा हिल्स में दशकों पुराने सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी ने कर्मचारियों से लेकर पर्यावरण प्रेमियों तक को सड़कों पर ला खड़ा किया है।
MP News: भोपाल शहर में एक बार फिर बड़े पैमाने पर हरे भरे पेड़ों को काटने की तैयारी हो रही है। हाईकोर्ट और एनजीटी ने अयोध्या बायपास सहित अन्य प्रोजेक्ट में पेड़ों को काटने पर रोक लगा दी है वहीं अरेरा हिल्स में अब नापतौल विभाग ने परिसर के 150 से ज्यादा और मेट्रो कंपनी ने पुल बोगदा के पास 180 के लगभग पेड़ काटने का एक्शन प्लान जमीन पर उतारना शुरू कर दिया है। यहां अलग-अलग प्रजातियों के 35 से 50 साल पुराने पेड़ लगे हुए है। अरेरा हिल्स परिसर में पेड़ काटने के विरोध में अब विभाग के ही कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमी उतर गए है।
यहां 64 करोड़ की लागत से 650 वर्गमीटर में चार मंजिला भवन बनाने की तैयारी है। यह भवन चार विभागों के लिए बनना है, जिसमें से कुछ विभागों के अपने भवन है। वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन का भवन गौतम नगर में बना हुआ है, वहीं खाद्य संचालनालय भी विध्यांचल भवन में चल रहा है, इसी प्रकार नापतौल विभाग का भवन भी यहां बना हुआ है, सिर्फ नागरिक आपूर्ति निगम का कार्यालय किराए पर चल रहा है, इसके लिए यह पूरी कवायद की जा रही है।
नापतौल विभाग के मुख्यालय में पहले सभी कार्यालय यहीं बने हुए थे। सात साल पहले यहां जगह की कमी बताकर उपनियंत्रक और निरीक्षक खर्च कर 5 हजार वर्गफीट के दफ्तर में भेजे गए थे। कर्मचारियों का कहना है कि वहां स्टाफ के बैठने और जब्त सामान रखने के लिए भी कार्यालय को 50 लाख रुपए मुश्किल से जगह है, वहीं दूसरी ओर विभाग की जमीन पर दूसरे विभागों के कार्यालयों को शिफ्ट किया जा रहा है।
पहले भी यहां मेट्रो के निर्माण के चलते सामने लगे कई पेड़ काटे गए थे। हरिनाथ पटेल ने बताया कि वे यहां 30 सालों से नौकरी कर रहे हैं, पहले यहां चट्टान थी, कर्मचारियों ने काफी मेहनत से यहां पौधे लगाए है। यहां कटहल, अमरुद, आम्, पीपल, नीब, बेर, नींबू सहित कई तरह के पेड़ लगे हुए हैं। महिला कर्मचारी सीमा और प्रियंका ने कहा कि किसी भी कीमत पर पेड़ों को नहीं कटने देंगे, यह प्रस्ताव वापस होना चाहिए।
परिसर में खाद्य भवन के प्रस्ताव के विरोध में गुरुवार को नापतौल विभाग के कर्मचारी और पर्यावरण प्रेमियों ने परिसर में काली पट्टी बांधकर और पेड़ों से लिपटकर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि किसी भी कीमत पर हम पेड़ को कटने नहीं देंगे। हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। मप्र नापतौल अधिकारी कर्मचारी संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा यहां भवन बनाने का कोई औचित्य नहीं है। इसके कारण सैकड़ों पेड़ नष्ट हो जाएंगे। यहां कार्यालय के पीछे भी काफी खाली जगह है. इसके अलावा और भी स्थानों पर सरकारी जमीन है, जहां इसे शिफ्ट किया जाना चाहिए। (MP News)
यहां भवन बनना प्रस्तावित है. यह जगह नापतौल की है, लेकिन वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन इसका निर्माण कर रहा है. इसलिए निर्माण किस तरह होना है, पेड़ कटेंगे या नहीं इस बारे में संबंधित एजेंसी ही बता पाएंगी।- बृजेश सक्सेना, नियंत्रक नापतौल विभाग