mp news: प्रदेश में दो चरणों में चलेगा स्वच्छ जल अभियान, लापरवाही बरतने वाले अफसर पर होगा सख्त एक्शन।
mp news: मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई 21 लोगों की मौत के बाद सीएम मोहन यादव ने बड़ा फैसला लिया है। शनिवार को भोपाल में बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने फैसला लिया है कि अब हर मंगलवार को जल सुनवाई की जाएगी। जल सुनवाई नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद, जिला पंचायत, जनपद पंचायत से लेकर ग्राम पंचायतों में भी होगी। यही नहीं, पहली बार लीकेज पहचान के लिए रोबोट की मदद ली जाएगी।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने शनिवार शाम को जल सुनवाई का फैसला लेने के साथ ही इस बात के साफ निर्देश दिए हैं कि जल सुनवाई को गंभीरता से लिया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जाए वरना अफसरों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। सीएम ने ये भी कहा है कि किसी भी हाल में दूषित पानी की आपूर्ति नहीं होनी चाहिए। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए साफ पानी पहुंचाने के वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे। जबकि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल वर्चुअल बैठक में मौजूद रहे।
बैठक में बताया गया कि अब प्रदेश के शहरी और ग्रामीण इलाकों में बने टैंकों की निगरानी और सफाई के लिए स्वच्छ जल अभियान चलाया जाएगा। ये अभियान दो चरणों में चलेगा। पहला चरण 10 जनवरी से 28 फरवरी तक और दूसरा चरण 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। अभियान के तहत समस्त जल शोधन यंत्र और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई होगी, जीआईएस मैप आधारित एप से निगरानी होगी। जीआईएस मैप पर वाटर पाइप लाइन और सीवेज पाइप लाइन की मैपिंग की जाएगी, इंटर पॉइंट सेक्शन की पहचान होगी। लीकेज की जांच की जाएगी। सीएम हेल्पलाइन 181 पर पेयजल संबंधी शिकायतों को दर्ज करने की विशेष व्यवस्था की गई है।