भोपाल

सिंधिया के बेटे और MPCA अध्यक्ष महानआर्यमन पर सियासत, कांग्रेस का ‘नेपोटिज्म बवाल’

MP News: MPCA के नये और सबसे युवा अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे महानआर्यमन पर एमपी में गरमाई सियासत, विपक्ष ने राजपरिवार के साथ ही बीजेपी को घेरा, देशभर में हो रही चर्चा...
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Updated: 4 Sep 2025, 1:16 PM IST
Mahanaaryaman Scindia as MPCA President
Mahanaaryaman Scindia as MPCA President (फोटो सोर्स: सोशल मीडिया)

MP News: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के बेटे और ग्वालियर संभाग क्रिकेट संघ के उपाध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया को मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ (MPCA) का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद प्रदेश कांग्रेस ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के बड़े नेताओं के बेटे सीधे शीर्ष पद पर पहुंच जाते हैं, जबकि बीजेपी खेमे ने इसका बचाव करते हुए इसे सिर्फ संगठनात्मक चुनाव का नाम दिया है। बीजेपी का कहना है कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाना जरूरी है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने बीजेपी को घेरा

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता प्रवीण धौलपुरे (MP Congress) ने कहा है कि, 'एमपीसीए के अध्यक्ष पद पर महानआर्यमन सिंधिया (Mahanaryaman Scindia) की ताजपोशी ने एक बार फिर भाजपा (BJP) के दोहरे चरित्र और वंशवाद की राजनीति को उजागर कर दिया है।'

धौलपुरे ने तर्क दिया कि, 'भाजपा बार-बार कांग्रेस पर भाई-भतीजावाद का आरोप लगाती रही है, लेकिन हकीकत यह है कि भाजपा खुद हर संगठन और संस्था में भाई-भतीजावाद को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने आगे कहा कि, महानआर्यमन सिंधिया का क्रिकेट या खेल प्रबंधन से कोई गहरा नाता नहीं है। सिंधिया परिवार में जन्म लेना ही उनकी नियुक्ति का मुख्य आधार बना।'

बोले- राजनीति में भाई-भतीजावाद

प्रवीण धौलपुरे ने कहा कि, 'मैं भाजपा से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने एमपीसीए को महाराजा परिवार क्रिकेट एसोसिएशन में क्यों बदल दिया? क्या यह भाई-भतीजावाद नहीं है? राजघरानों में वंशवाद होता है और राजनीति में भी भाई-भतीजावाद होता है।'

धौलपुरे का आरोप- बीजेपी की कथनी और करनी में अंतर


धौलपुरे ने दावा किया कि महानआर्यमन सिंधिया को एमपीसीए अध्यक्ष नियुक्त करने से यह साफ हो जाता है कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। धौलपुरे ने कहा, 'भाजपा जिस वंशवाद का विरोध करने का दावा करती है, वही उसकी राजनीति और संगठनात्मक नियुक्तियों की हकीकत बन गया है।'

बता दें कि सोमवार 1 सितंबर को, सिंधिया परिवार के 29 वर्षीय वंशज को सर्वसम्मति से एमपीसीए का अध्यक्ष चुना गया। वह 1957 में स्थापित एमपीसीए के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं। वहीं इस पद पर आसीन होने वाले सिंधिया परिवार की वे तीसरी पीढ़ी के हैं।

देशभर में उठी चर्चा

बता दें कि मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का ये चुनाव सिर्फ एमपी कांग्रेस या मध्यप्रदेश का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीति, परिवारवाद और क्रिकेट ने इस मुद्दे को लोकप्रिय और बहस का मुद्दा बना दिया है। सोशल मीडिया पर Zero Cricket , Zero Grind, Just Daddy's Surname जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।

आगे की राह नहीं आसान, महानआर्यमन के सामने दो सवाल ही दो चुनौतियां

अब हर किसी की नजर इस पर है कि महानआर्यमन अपने कार्यकाल में क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर और खिलाड़ियों के लिए कितना कर पाते हैं। सवाल दो हैं और यही उनके लिए चुनौती भी है कि क्या वे अपनी इस आलोचना को कामयाबी में बदल पाएंगे या वाकई MPCA का अध्यक्ष नियुक्त किया जाना उनके लिए पारिवारिक या राजनीतिक विरासत कहलाएगा, ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।

Updated on:
4 Sep 2025, 1:16 PM IST
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