भोपाल

एमपी के प्रसिद्ध कथावाचक कांग्रेस में शामिल, जीतू पटवारी ने दिलाई सदस्यता

mp news: कांग्रेस में शामिल होते ही कथावाचक ने प्रदेश सरकार पर आदिवासियों को लेकर जमकर निशाना साधा।
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Updated: 20 Mar 2026, 4:15 PM IST
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famous kathavachak mohit nagar joins congress

mp news: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक प्रसिद्ध कथावाचक ने कांग्रेस का हाथ थामा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कथावाचक को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस दौरान जीतू पटवारी और कथावाचक दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली गुल होने के कारण जीतू पटवारी ने बिजली कटौती सहित तमाम मुद्दों पर सरकार को घेरा तो वहीं कथावाचक ने आदिवासियों को लेकर बड़ा बयान दिया, साथ ही कथावाचक ने ये भी कहा कि मां शबरी को भी भगवान राम का इंतजार करना पड़ा था।

कथावाचक मोहित नागर कांग्रेस में शामिल

मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध कथावाचक मोहित नागर ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। आगर मालवा जिले की सुसनेर विधानसभा के रहने वाले मोहित नागर एक प्रसिद्ध कथावाचक हैं। वो संगीतमय भागवत कथा और रामकथा का वाचन करते हैं। आगर मालवा जिले के साथ ही आसपास के जिलों में भी कथावाचक मोहित नागर की अच्छी लोकप्रियता है। कथावाचक मोहित नायर के भजन और कथा के वीडियो क्लिप्स भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल होते रहते हैं।

सरकार पर साधा निशाना

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कथावाचक मोहित नागर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई। इसके बाद दोनों ने एक साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया। इस दौरान जीतू पटवारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य बेरोजगारी, लाडली बहना योजना, बिजली सप्लाई समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली गुल हो गई जिस पर जीतू पटवारी ने कहा कि ये हाल हैं, जब देखो बिजली गुल हो जाती है और कहते हैं कि हम 24 घंटे बिजली देंगे। जीतू पटवारी ने कहा कि बिजली दें न दें, बिजली के बड़े-बड़े बिल जरूर दे रहे हैं। लाडली बहनों को 1500 रुपये योजना के देते हैं और घर का बिजली बिल 3000 रुपये भेज देते हैं।

'मां शबरी ने भी रामजी का इंतजार किया था'
वहीं कथावाचक मोहित नागर ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के बाद बताया कि आदिवासी समाज सनातन का अनुयायी है। उन्होंने 10 से 15 हजार आदिवासियों को दीक्षा दी है और आदिवासी क्षेत्रों में ही सबसे ज्यादा कथाएं करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि रामचरित मानस देखिए, मां शबरी ने भी रामजी का इंतजार किया था।

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20 Mar 2026, 4:15 PM IST
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