MP news: अब बदल रहा ट्रेंड, बेटी की शादी के लिए पेरेंट्स को चाहिए ऐसा दूल्हा जो हो सेहत से फिट, जिस पर न हो कोई कर्ज, कुंडली से नहीं, सिविल बना रहा है जोड़ी...
MP News: भारतीय शादियों में कुंडली और ग्रह दशा के हिसाब से राहु-केतु का मिलान न होना सबसे बड़ी रुकावट माना जाता है। बदलते परिवेश में वक्त के साथ यह मान्यता भी बदल रही है। आधुनिक रिश्तों में मांगलिक दोष से ज्यादा सिविल स्कोर और हेल्थ फिटनेस सर्टिफिकेट शादी तय होने का आधार बनते जा रहे हैं। शादी के लिए चमक-दमक जरूरी नहीं है अब फिटनेस और फाइनेंस मजबूत होने की डिमांड ज्यादा है।
फैमिली कोर्ट काउंसलर ने बताया कि एक मामले में शादी के बाद लड़की को पता चला कि पति गंभीर बीमारी से पीड़ित है। रिपोर्ट सामने आने पर उसने तलाक का केस दायर कर दिया।
महिला थाना में दर्ज एक केस में रिश्ता इस वजह से टूटा कि शादी के पहले पति ने कर्ज की बात छुपाई। शादी के बाद पत्नी को इसकी जानकारी हुई और रिश्ता दस साल तक चलता रहा, लेकिन पति के आदत में सुधार नहीं होने से महिला ने पति से तलाक ले ली।
ताजा मामलों में देखा गया है कि कई युवतियां रिश्ता फाइनल करने से पहले लाइफ पार्टनर की आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य की पूरी जांच कर रही हैं। वहीं कुछ मामलों में शादी के बाद पत्नी हेल्थ से अनफिट होने और कर्ज की जानकारी न देने से रिश्ता टूट गया। ऐसे ही केस महिला थाना में दस से अधिक दर्ज हैं।
महिला थाना प्रभारी अंजना दुबे ने कहा कि लड़कियों को हक है कि वे शादी से पहले लड़कें की इनकम और व्यवहार को जानें। कई मामलों में शादी के बाद पता चलता है कि लड़का भारी कर्ज में डूबा है और उसका दबाव लड़की पर डाल दिया जाता है। ऐसे में रिश्ते कोर्ट पहुंचते हैं फिर कुछ साल बाद टूट जाते हैं।