MP News: कांग्रेस ने चुनाव आयोग में की कैलाश विजयवर्गीय की शिकायत, हलफनामे में FIR की जानकरी छिपाने का आरोप।
MP News: मध्यप्रदेश सरकार के कद्दावर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। कैलाश विजयवर्गीय के बीते दिनों दिए गए एक बयान को आधार बनाकर कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस ने कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत की है और आरोप लगाया है कि कैलाश विजयवर्गीय ने चुनाव के वक्त दिए हलफनामे में बंगाल में दर्ज मुकदमों की जानकारी छिपाई है।
कैलाश विजयवर्गीय के द्वारा बीते दिनों रतलाम में बंगाल में उन पर कई मुकदमे दर्ज होने की बात कही थी और अब इसी को लेकर कांग्रेस प्रवक्ता प्रमोद कुमार द्विवेदी ने चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया है कि कैलाश विजयवर्गीय ने खुद ये बात कही है कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 34 (या 35-38) फर्जी मामले दर्ज हैं। अगर वो वहां गए तो गिरफ्तार हो जाएंगे। कांग्रेस का आरोप है कि कैलाश विजयवर्गीय ने अपने खिलाफ दर्ज इन मुकदमों की जानकारी चुनावी हलफनामे में नहीं दी है, इसलिए चुनाव आयोग को विजयवर्गीय के हलफनामे की जांच करनी चाहिए और आरोप सही पाए जाने पर उनकी सदस्यता रद्द करनी चाहिए।
बता दें कि बीते दिनों 11 अप्रैल को कैलाश विजयवर्गीय रतलाम पहुंचे थे वहां उन्होंने मीडिया से बात करते हुए खुद कहा था कि उनके खिलाफ पश्चिम बंगाल में अनेक फर्जी केस दर्ज कराए गए हैं। गिरफ्तारी के लिए कई वारंट निकाले जा चुके हैं। वहां गया तो गिरफ्तार कर लिया जाऊंगा। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी बताया कि पार्टी ने ही उन्हें पश्चिम बंगाल जाने से मना कर दिया है। वहां दर्ज फर्जी केस और हालातों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
तब मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल नहीं जाने का कारण भी बताया। उन्होंने कहा कि वहां मेरे खिलाफ 38 फर्जी केस दर्ज हैं। पश्चिम बंगाल जाते ही पुलिस मुझे गिरफ्तार कर सकती है। इससे बीजेपी के लिए नई मुसीबत पैदा हो सकती है। इस बात को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने मुझे पश्चिम बंगाल नहीं जाने की हिदायत दी है। पार्टी का कहना है वहां मेरे जाते ही नया लफड़ा हो जाएगा। इस दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने पश्चिम बंगाल के अनुभवों का भी जिक्र करते हुए ये भी कहा था कि वो वहां 6 साल रहे और बजरंगी बली की कृपा से ही आज जिंदा बैठे हैं नहीं तो उनकी फोटो पर भी माला लग गई होती।