MP News: मध्यप्रदेश के जबलपुर और उज्जैन में पीक ऑवर्स में पैसेंजर कम होने के कारण मेट्रो के संचालन का प्लान अटक सकता है।
MP News: मध्यप्रदेश के दो बड़े शहरों को आने वाले में एक बड़ा झटका लग सकता है। उज्जैन और जबलपुर में मेट्रो ट्रेन का संचालन नहीं होगा। इसका खुलासा कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान में हुआ है। इधर, ग्वालियर में लाइट मेट्रो चलाने का रास्ता साफ है।
दरअसल, मार्च महीने में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा भोपाल-इंदौर के अलावा ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन में मेट्रो चलाने की घोषण की थी। जिसके लिए सर्वे की रिपोर्ट मप्र मेट्रो कॉर्पोरेशन के द्वारा तैयार कर ली गई है।
ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में मेट्रो के संचालन के लिए कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान सर्वे कराया। जिसमें सामने आया है कि जबलपुर और उज्जैन में मेट्रो के संचालन के लिए पर्याप्त पैंसेजर नहीं हैं। वहीं, ग्वालियर में लाइट मेट्रो के प्लान पर सरकार विचार कर सकती है।
दरअसल, मेट्रो चलाने के लिए प्रति पीक ऑवर में 20 हाजर पैसेंजर यूनिट होना जरूरी है। जो कि उज्जैन और जबलपुर में नहीं। इन शहरों में 14-15 हजार के करीब पैसेंजर मुख्य सड़कों पर निकल रहे हैं। ऐसा माना जा रहा है कि इन दोनों शहरों में मेट्रो के संचालन के लिए 7-10 साल तक वक्त लग सकता है। क्योंकि जब आबादी बढ़ेगी तो सड़कों पर लोग दिखेंगे। उसी रिपोर्ट के आधार पर मेट्रो को चलाने की प्रक्रिया प्रांरभ हो सकती है।
मोबिलिटी प्लान में सर्वे कंपनी द्वारा सरकार को सुझाव दिया गया है कि उज्जैन और जबलपुर शहर के रूटों पर एलिवेटेड कॉरिडोर, ब्रिज या बीआरटीएस जैसी दूसरी सुविधाएं दी जा सकती है।