भोपाल

भोपाल समेत एमपी के 14 जिलों और 42 मोहल्लों के अटपटे नाम बदलेंगे! उठी मांग

MP news: मध्य प्रदेश में जिलों, तहसीलों और मोहल्लों के नाम बदलने का दौर, एक जौसे नामों से गफलत, कांग्रेस नेता ने पत्र लिखकर की जातिसूचक मोहल्लों के नाम बदलने की मांग, वहीं कई जिलों के नाम बदलने के लिए भी लगातार उठ रही आवाज...

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Apr 13, 2026
MP News (photo:patrika)

MP News: जब नाम बदलने का दौर चल ही रहा है तो लगे हाथ इनके नाम भी बदल दीजिए ना हुजूर। शुरुआत हुजूर शब्द से ही करते हैं। मध्यप्रदेश में दो तहसीलों के नाम हुजूर है। पहली हुजूर तहसील भोपाल जिले में है, तो दूसरी रीवा जिले में। एक जैसा नाम होने के कारण कई बार बड़ी गफलत की स्थिति बन जाती है।

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तहसील हुजूर बनी हुई है अजूबा

राजधानी भोपाल की तहसील हुजूर में तो अजूबा यह कि इस नाम का कोई नगर, बस्ती या मोहल्ला तक नहीं है, फिर भी आधा भोपाल हुजूर तहसील में आता है। सिर्फ तहसील ही नहीं, भोपाल में तो एक विधानसभा सीट का नाम भी हुजूर है। कुछ साल पहले ही बनी इस सीट की भौगोलिक परिस्थिति भी विचित्र है। इसका एक सिरा सीहोर जिले के नजदीक है, तो दूसरा रायसेन जिले के सर्पाकार क्षेत्र वाली इस सीट के तहत अधिकांश हिस्सा ग्रामीण मतदाताओं का आता है। हुजूर सीट का नामकरण संभवत: तहसील हुजूर के कारण ही किया गया है, लेकिन इसमें दूसरी तहसीलों का भी कुछ क्षेत्र समाहित है। तो हुजूर, यह शब्द वैसे भी सामंतवादी सम्मान और गुलामी की मानसिकता को प्रदर्शित करता है, इसे बदला जा सकता है।

क्या जातिसूचक नाम भी बदले जाएंगे?

प्रदेश कांग्रेस के नेता भूपेंद्र गुप्ता ने कुछ समय पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जातिसूचक नामों वाले मोहल्लों का नाम बदलने की मांग की थी। कुछ नाम हैं, लोहारपुरा, सुनारपुरा, ढीमरखेड़ा, गुजरपुरा, तेलीपुरा, चमारपुरा, चमारटोला, ब्राह्मणपुरा, कायस्थपुरा, लखेरापुरा, दांगी मोहल्ला, भाटखेड़ी, इस्लाम मोहल्ला, कसाईपुरा, पवारखेड़ा, कोठा, खिड़किया, जाटखेड़ी, बंजारा, बंजारी आदि। ये अटपटे नाम बंदरकोल, बाबा की बरोली, बैसनपुर, बाराती, बौना, चंडी, चिल्लाखुर्द, दाढ़, घोड़ाबंद, चोरघटा (रीवा), चटाईपुरा (भोपाल), झुंड (शिवपुरी), ठीकरी (बड़वानी), फुटेरा (दमोह), भड़भडिय़ा (नीमच), लंगोटी, लालबर्रा (बालाघाट), चोली (खरगोन), चोरपुरा (मुरैना), बिहार (झाबुआ), बालमपुर (भोपाल), कुडिय़ा (सतना)।

नाम बदलने की प्रक्रिया

किसी भी मोहल्ले, गांव या शहर का नाम बदलने की सरकारी प्रक्रिया निर्धारित है। सबसे पहले स्थानीय निकाय से प्रस्ताव पारित कराकर जिला प्रशासन को भेजा जाता है। जिला प्रशासन से यह प्रस्ताव राज्य सरकार को और फिर केंद्र सरकार को भेजा जाता है। केंद्रीय गृह मंत्रालय से मंजूरी के बाद इसका गजट नोटिफिकेशन होता है।

अब तक बदले गए नाम

पुराना नाम - नया नाम

होशंगाबाद - नर्मदापुरम

नसरूल्लागंज - भैरुंदा

फंदा - हरिहरनगर

गंजबासौदा -वासुदेवनगर

मुलताई - मूलतापी

कांटाफोड़ - कांतापुर

गजनीखेड़ी - चामुंडा महानगरी

मौला - मोहनपुरा

मौलाना - विक्रम नगर

जहांगीरपुर - जगदीशपुर

मिर्जापुर - मीरापुर

सलामतपुरा - श्रीरामपुरा

रेहमानपुरा - हनुमानपुरा

इनके नाम में बदलाव की मांग

पुराना नाम - नया नाम

भोपाल - भोजपाल

कटनी - कनकपुर

जैसीनगर - जयशिव नगर

औबेदुल्लागंज - हिरानिया

विदिशा - वैदवती

बेगमगंज - सियावास

गौहरगंज - कलियाखेड़ी

शमशाबाद - सूर्यनगर

नूरगंज - रूपनगर

सीहोर - सिद्धपुर

उज्जैन - अवंतिका नगरी

दतिया - दिलीपनगर

महेश्वर - महिष्मती

जबलपुर - जबालिपुरम

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Published on:
13 Apr 2026 09:28 am
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