
MP News: हर्ष पचौरी. राजधानी के 85 वार्ड से प्रतिदिन निकलने वाले करीब एक टन पॉलीथिन और चिप्स के पैकेट के कचरे का इस्तेमाल भोपाल नगर निगम प्लास्टिक बोर्ड बनाने में करेगा। निजी कंपनी के साथ एमओयू के बाद आदमपुर में नगर निगम ने 3.20 करोड़ से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन प्लांट लगाया है। श्रेडर मशीन से प्रतिदिन कचरे में इकट्ठा होने वाली पॉलिथीन और चिप्स के पैकेट और प्लास्टिक मटेरियल मशीन में डालकर श्रेडिंग यानी कतरन के बाद आग में गलाकर पेस्ट को प्लास्टिक बोर्ड की शक्ल देंगे। बोर्ड की गुणवत्ता संबंधित टेस्ट होने अभी बाकी हैं। पहले फेस में बनने वाले प्लास्टिक बोर्ड का इस्तेमाल नगर निगम लिंक रोड नंबर 2 पर तैयार नगर निगम मुख्यालय की ग्रीन बिल्डिंग में फिनिशिंग वर्क के रूप में करेगा। प्रयोग सफल होने के बाद खुले बाजार में बेचने पर विचार किया जा रहा है।
केंद्रीय स्वच्छ भारत प्रतियोगिता में शामिल शहरों को कचरा प्रबंधन साफ-सफाई के साथ अब प्रतिदिन निकलने वाले कचरे के प्रतिशत को कम करने की जिम्मेदारी दी है। इसके तहत रीसाइकिल, रीयूज और रिड्यूस फार्मूले के अंतर्गत कचरा प्रबंधन नए तरीके से किया जा रहा है। नगर निगम का प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट इसी योजना का एक हिस्सा है। पिछले दिनों प्लांट में 950 किलो प्लास्टिक की श्रेडिंग करने के बाद इस बोर्ड में तब्दील करने का प्रयोग शुरू किया है। शहर से रोज 850 मीट्रिक टन कचरा निकलता है, जिसका 70 प्रतिशत ही कलेक्ट हो पाता है।
प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट से नगर निगम अपनी कार्बन क्रेडिट रैंकिंग बढ़ाने की तैयारी में भी है। केंद्र सरकार को भेजे प्रस्ताव में नगर निगम ने अब तक किए गए प्रयासों की जानकारी भेजी है। अधिकृत एजेंसी के जरिए कार्बन क्रेडिट स्कोर तय किया जाएगा। कार्बन क्रेडिट स्कोर वातावरण में अनेक स्रोत से उत्पन्न होने वाली मीथेन गैस प्रभाव को कम करने के लिए दिया जाता है।
प्लास्टिक रैपर, पैकेट, पॉलीथिन कलेक्ट कर इसे श्रेडिंग कर बोर्ड में तब्दील करने का काम शुरू किया गया है। इससे कार्बन क्रेडिंग भी प्राप्त किए जा सकेंगे।
-हरेंद्र नारायण, निगमायुक्त