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Bhopal news: बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, ड्यू डेट से 10 दिन पहले मिलेगा बिल

Electricity consumers: अब बिजली बिल ड्यू डेट से कम से कम 10 दिन पहले उपभोक्ता तक पहुंचना जरूरी। छुट्टी पड़ने पर अगला कार्यदिवस देय तिथि मानी जाएगी, लेट फीस का डर खत्म।
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Electricity consumers: ड्यू डेट से दस दिन पहले मिलेगा बिल (Photo Source - Patrika)

Electricity consumers: ड्यू डेट से दस दिन पहले मिलेगा बिल (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: बिजली बिल के ड्यू डेट से दस दिन पहले उपभोक्ता के पास पहुंचना जरूरी है। बिजली बिल के भुगतान समय और देय तिथि को लेकर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नए और स्पष्ट नियम लागू कर दिए हैं। आयोग ने मध्य प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता, 2021 में छठवां संशोधन के तहत बिजली कंपनियों को बिल डिलीवर करने और उपभोक्ताओं को भुगतान का समय देने के लिए समय-सीमा तय कर दी है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बिल को व्यक्तिगत रूप से, डाक, कूरियर, ई-मेल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक/डिजिटल माध्यमों से भेजा जा सकता है।

लेट फीस लगने का डर खत्म

यदि इसे लेकर कोई सवाल बने तो स्पष्ट होना चाहिए कि उपभोक्ता के पास ड्यू डेट से दस दिन पहले बिल पहुंचा है। कृषि उपभोक्ताओं के लिए ये समय सीमा बिल जारी होने की तारीख से 15 दिन तक रहेगी। इसमें ये भी स्पष्ट किया गया है कि यदि बिल में दर्ज भुगतान की अंतिम भुगतान तिथि के दिन कोई सार्वजनिक या सरकारी अवकाश रहता है, तो अगला कार्य दिवस भुगतान की अंतिम तिथि माना जाएगा। इससे छुट्टी के कारण लेट फीस लगने का डर खत्म हो जाएगा। अभी अक्स अक्सर शिकायतें आती है कि बिजली का बिल भुगतान की अंतिम तिथि के ठीक 2-3 दिन पहले मिलता है। ये स्थिति नहीं बनेगी। इस संशोधन के बाद कंपनी को अपने डिजिटल बिलिंग सिस्टम में समय सीमा को अपडेट करना होगा।

बिजली लोड की जांच करेगी कंपनी

भोपाल जिले में बिजली का बढ़ता भार उपभोक्ताओं की जेब हल्की करेगा। कंपनी अब अपने चार लाख स्मार्ट मीटर से मिले डाटा के आधार पर उपभोक्ताओं के घर में बिजली के लोड की जांच शुरू करेगा। दरअसल हर उपभोक्ताओं को कनेक्शन के समय स्वीकृत लोड होता है। उपभोक्ताओं के मंजूर भार के अनुसार ही संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था तय होती है। यदि ऐसे में कोई उपभोक्तता इस भार से अधिक का उपयोग करता है तो उसके लिए अनुमति व तय शुल्क देना होता है। अधिकांश उपभोक्ता ऐसा नहीं करते। स्मार्ट मीटर से कंपनी के पास उपभोक्ताओं के स्वीकृत लोड व उपयोग किए जा रहे लोड की पूरी डिटेल आ गई है। कंपनी अब अतिरिक्त भार के लिए पेनाल्टी लगाने के साथ ही भार बढ़वाने की प्रक्रिया शुरू करेगी।